Ramayan actor arun govil know about some leser known facts

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अभिनेता अरुण गोविल (Arun Govil) किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. 80 के दशक में अंत में टीवी पर शुरु हुए कार्यक्रम रामयाण (Ramayana) में राम का किरदार निभा चुके इस दिग्गज एक्टर को देश ही नहीं विदेशों में भी लोग अच्छे से जानते हैं. जिस वक्त रामायाण प्रसारित होता था तब ना तो सोशल मीडिया था ना ही टीवी न्यूज सक्रीय थे उसके बावजूद राम के रूप में अरुण गोविल को पूरे देश में पहचान मिली थी. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सब उन्हें भगवान ही मानते थे.

 

अरुण गोविल का जन्म राम नगर उत्तरप्रदेश में हुआ | इनकी प्रारम्भिक शिक्षा उत्तरप्रदेश से ही हुई | उन्ही दिनों यह नाटक में अभिनय करते थे | इनके पिता चाहते थे कि यह एक सरकारी नौकरीपेशा बने पर अरुण गोविल का सोचना विपरीत था | अरुण कुछ ऐसा करना चाहते थे जो यादगार बने, इसलिए सन् १९७५ में यह बम्बई चले गए और वहाँ खुद का व्यवसाय प्रारम्भ किया उस वक्त यह केवल १७ वर्ष के थे | कुछ दिनों के बाद इन्हें अभिनय के नए नए रास्ते मिलना शुरु हुए

12 जनवरी 1958 को जन्मे अरुण गोविल का फिल्मी सफर पहले फिल्म से शुरु हुआ था. उसके बाद उन्होंने कुछ और फिल्में भी कीं मगर 1987-88 के दौर में भगवान राम के रूप में उनके किरदार ने बहुत नाम कमाया. उनके रोल को भी खूब सराहा गया. पिछले साल 2020 में जब लॉकडाउन लगा तो सरकार ने फिर से नेशनल पर रामायण का प्रसारण शुरु किया और उससे आज के वक्त के लोगों को भी अरुण गोविल के दमदार अभिनय के बारे में पता चला.

जब अरुण गोविल ने सिगरेट पीना छोड़ दिया थापिछले साल ‘रामायण’ की पूरी टीम सीरियल के 33 साल पूरे होने के जश्‍न में कपिल शर्मा के शो पर शिरकत करने पहुंची थी. इस दौरान अरुण गोविल के साथ दीपिका चिखलिया और सुदेश लहरी ने शो के दौर में उनके साथ हुए कुछ दिलचस्प किस्से शेयर किए. इन्हीं में से एक किस्सा था,

जिसमें अरुण गोविल ने बताया था कि उन्होंने सिगरेट की लत कैसे छोड़ी.अरुण गोविल बताते हैं कि ‘उन दिनों मैं भानुमती के साथ एक तमिल की शूटिंग कर कर रहा था. इस फिल्म में मैं बालाजी तिरुपति के किरदार में था. मुझे सिगरेट पीने का शौक था. एक बार लंच के बाद मुझे तलब लगी और मैं सेट पर ही एक पर्दे के पीछे जाकर सिगरेट पीने लगा. तभी वहां पर एक सज्जन आए और मुझे घूरकर देखते हुए ना जाने क्या-क्या सुनकर चले गए.

मुझे उनकी भाषा समझ में नहीं आई तो मैंने पास में ही खड़े एक शख्स से पूछा कि ये मुझसे क्या कह रहे थे? इस पर मुझे पता चला कि वो सज्जन कह रहे थे कि हम तो तुम्हें भगवान समझते हैं और तुम यहां बैठ कर सिगरेट पी रहे हो?’

 

इस किस्से को बताते हुए अरुण कहते हैं कि ‘कपिल जी, वो दिन था और आज का दिन है… मैंने कभी सिगरेट नहीं पी है’. इसके अलावा उन्होंने ये भी बताया था कि पहली बार जब वो रामानंद सागर के सामने भगवान राम के किरदार के लिए ऑडीशन देने पहुंचे थे तब उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया था. हालांकि बाद में उन्हें कॉल आया कि उन्हें रामायण में ‘राम’ का किरदार मिल गया है.

अपनी मुस्कान से जीता था सबका दिल ताराचंद बर्जातिया को अरुण गोविल की मुस्कान बहुत आकर्षक लगती थी. उन्होंने ही अरुण गोविल से कहा था कि उन्हें अपनी मुस्कान का फायदा उठाना चाहिए. उन्होंने अरुण से कहा था कि उनकी मुस्कान से ही अरुण गोविल को कई रोल मिल सकते हैं. अरुण ने जब राम के किरदार के लिए ऑडिशन दिया था तो पहली बार में उन्हें सिलेक्ट नहीं किया गया था. मगर बाद में उन्हें सिलेक्ट कर लिया गया. रामानंद सागर के द्वारा उन्हें सिलेक्ट करने का एक कारण अरुण गोविल की मुस्कान थी जो उन्हें भी बहुत आकर्षक लगी थी.

 

जब राम के किरदार के बाद फिल्में मिलना हो गया था मुश्किल
अरुण गोविल ने इंटरव्यू में बताया था कि रामायण शो इतना सफल हुआ था कि हर घर में लोग उन्हें पहचानने लगे थे. मगर उनके लिए इस किरदार के बाद मुश्किलें बढ़ गई थीं. दरअसल कमर्शियल सिनेमा के लिए निर्माता उन्हें साइन नहीं करते थे क्योंकि उनके अनुसार वो उन रोल के लिए फिट नहीं बैठते थे. मगर अरुण का मानना है कि उन्हें इस बात का कोई मलाल नहीं है क्योंकि उन्हें लोग भगवान राम के तौर पर ही याद करते हैं.

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One thought on “Happy Birthday Arun Govil:जानिए अरुण गोविल के जीवन से जुड़े कुछ अनसुने किस्से”
  1. […] राम नवमी भारत में  हर घर में  मनाया  पर  सब कोई ये नहीं जानते  की  राम नवमी क्यूँ मनाया जाता है?(ram navami kyu manaya jata hai) यदि नहीं तब आज का यह पोस्ट आपके लिए पढना काफी जरुरी होगा. क्यूँ? इसका जवाब आपको पोस्ट के अंत तक जरुर से मालूम पड़ जायेगा […]

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