सीमित ओवरों के क्रिकेट में पावरप्ले (Powerplay) का मुख्य उद्देश्य खेल को आक्रामक और मनोरंजक बनाना है। पावरप्ले के दौरान फील्डिंग टीम पर 30-गज के घेरे (30-yard circle) के बाहर फील्डर रखने पर सख्त प्रतिबंध होते हैं।
T20 क्रिकेट में पावरप्ले के नियम
T20 इंटरनेशनल और आईपीएल में 20 ओवर की पारी में केवल एक पावरप्ले होता है:
- ओवर 1 से 6: पहले 6 ओवर अनिवार्य पावरप्ले होते हैं। इस दौरान 30-गज के घेरे के बाहर अधिकतम केवल 2 फील्डर रह सकते हैं।
- ओवर 7 से 20: पावरप्ले खत्म होने के बाद 30-गज के घेरे के बाहर अधिकतम 5 फील्डर तैनात किए जा सकते हैं।
वनडे (ODI) क्रिकेट में 3 पावरप्ले (P1, P2, P3)
50 ओवरों के एकदिवसीय मैच को तीन अलग-अलग पावरप्ले चरणों में बांटा गया है:
- P1 (अनिवार्य पावरप्ले - ओवर 1 से 10): 30-गज के घेरे के बाहर अधिकतम 2 फील्डर हो सकते हैं।
- P2 (मिडिल ओवर्स पावरप्ले - ओवर 11 से 40): इन 30 ओवरों के दौरान 30-गज के घेरे के बाहर अधिकतम 4 फील्डर रह सकते हैं।
- P3 (डेथ ओवर्स पावरप्ले - ओवर 41 से 50): आखिरी 10 ओवरों में 30-गज के घेरे के बाहर अधिकतम 5 फील्डर की अनुमति होती है।
पावरप्ले का रणनीतिक महत्व
बल्लेबाजी करने वाली टीमें पावरप्ले का फायदा उठाकर हवा में शॉट खेलती हैं क्योंकि सीमा रेखा पर केवल दो फील्डर होते हैं। वहीं गेंदबाजों के लिए स्विंग और नई गेंद से शुरुआती विकेट चटकाने का यह सबसे सुनहरा अवसर होता है।