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अरंडी का तेल क्या है? | castor oil benefits hindi

Castor oil in Hindi | Arandi ke tel | castor oil benefits in Hindi

Castor oil in Hindi | Arandi ke tel | castor oil benefits in Hindi
Castor oil in Hindi | Arandi ke tel | castor oil benefits in Hindi

 

Brand Name: Castor Oil and Emulsoil

Generic Name: castor oil

Drug Class: Laxatives, Other

अरंडी का तेल एक वनस्पति तेल है जो कॉस्मेटिक और चिकित्सा प्रयोजनों की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए उपयोग किया जाता है। यह चेहरे और त्वचा के लिए स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने के लिए कहा जाता है।औषधीय गुणों (Medicinal Properties) से भरपूर अरंडी के तेल का इस्‍तेमाल कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में किया जाता है. इसे कैस्टर ऑयल (Castor Oil in hindi) के नाम से भी जाना जाता है. सेहतमंद रहने के लिए अक्‍सर लोग घरेलू उपायों का सहारा लेते हैं. इसके लिए कई तरह के उपाय अपनाते हैं. इन्‍हीं में से एक है अरंडी का तेल.

यह कई तरह से फायदा पहुंचाता है. भारतीय रसोई में काफी पहले से कैस्टर ऑयल इस्तेमाल होता आ रहा है. कैस्टर ऑयल स्किन के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है. इसमें केवल फैटी-एसिड, मिनरल्स और न्यूट्रीयंट्स ही नहीं, बल्कि एंटी-बैक्टीरियल Anti-Bacterial) और एंटी-फंगल गुण भी पाए जाते हैं जो मुंहासों को आने से रोकते हैं. वहीं इसके इस्‍तेमाल से बाल भी घने और चमकदार बनते हैं. साथ ही मजबूत भी होते हैं. आइए जानें यह तेल किस तरह फायदेमंद है.

अरंडी का तेल क्या है?What is Arandi in Hindi? Caster oil kya hai ?

अरंडी का तेल एक वनस्पति तेल है जो अरंडी के तेल के पौधे रिकिनस कम्युनिस के बीज से प्राप्त होता है। अरंडी का तेल संयंत्र मुख्य रूप से अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और भारत में उगाया जाता है। भारत वास्तव में अरंडी के तेल उत्पादन में विश्व के leader के रूप में जाना जाता है। संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन प्राथमिक आयातक हैं। आयुर्वेदिय गुणों के कारण सदियों से इसका प्रयोग स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं के लिए किया जाता है।

इसे खाद्य तेल नहीं माना जाता है, और यह दुनिया के वनस्पति तेल उत्पादन का केवल एक हिस्सा बनाता है।

ऐतिहासिक रूप से, अरंडी का तेल एक प्रभावी रेचक(laxative) के रूप में इस्तेमाल किया गया है। इसका उपयोग श्रम को प्रेरित करने के लिए भी किया जाता है। लेकिन आज, सौंदर्य प्रसाधन में अरंडी का तेल एक घटक के रूप में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। अरंडी तेल की सुरक्षा समीक्षा के अनुसार, 2002 में 900 से अधिक कॉस्मेटिक उत्पादों में अरंडी के तेल का उपयोग किया गया था।

आम तौर पर एरंड का इस्तेमाल आँख संबंधी समस्या, पाइल्स, खाँसी, पेट दर्द जैसे समस्याओं के लिए प्रयोग किया जाता है। चलिये आगे एरंड के बारे में विस्तार से जानते हैं-

Heighlights

  • हाइलाइटसैस्टर तेल में विटामिन ई, प्रोटीन और ओमेगा 6 वसा होते हैं।
  • कस्तूर का तेल अपने एंटी-बैक्टीरियल गुणों के लिए भी जाना जाता है।
  • यह सुंदर बालों और त्वचा को निखारने के लिए एक अमृत है

Facts about caster oil

  • अरंडी का तेल रिसिनस कम्यूनिस प्लांट के बीजों से आता है, जो अफ्रीका और एशिया के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों का मूल निवासी है।
  • यह आमतौर पर Cotton ball का उपयोग करके सीधे त्वचा पर लगाया जाता है।
  • कैस्टर ऑयल का उपयोग करना अपेक्षाकृत सुरक्षित है, लेकिन कुछ लोगों ने इसे अपनी त्वचा पर लागू करने के बाद दुष्प्रभाव की सूचना दी है।
  • अरंडी का तेल anti-inflammatory, antimicrobial, मॉइस्चराइजिंग और कुछ अन्य उपयोगी गुणों के लिए माना जाता है।
castor oil in hindi name

अन्य भाषाओं में एरंड का नाम (Name of  Arandi in Different Languages in Hindi) castor oil in hindi name

एरंड का वानास्पतिक नाम Ricinus communis L. (रिसिनस कॉम्युनिस) है और ये Euphorbiaceae (युफोर्बिएसी) कुल का होता है। ये Euphorbiaceae (युफोर्बिएसी)

कुल का है और अंग्रेजी में इसको  Castor-oil plant (कैस्टर ऑयल प्लान्ट) कहते हैं। लेकिन भारत में अन्य प्रांतों में भिन्न-भिन्न नामों से पुकारा जाता है। जैसे-

Sanskrit-एरण्ड, आमण्ड, चित्र, गन्धर्वहस्तक, पञ्चाङ्गुल, वर्धमान, दीर्घदण्ड, वातारि, उरुबक, चित्रबीज, उत्तानपत्रक, व्याघपुच्छ;

Hindi-अरंड, एरंड, एरंडी, रेंड़ी;

Odia-भेरोन्टा (Bheronta), ऐरॉन्डो (Erondo);

Urdu-एरण्ड (Eranda);

Assamese-इरी (Eri);

Kannadaहरलु (Haralu);

Konkani-एरेन्डी (Erendi);

Gujrati-एरंडो (Erando), एरंडियों ड़ेवेली (Erandio devili), अवुडालु (Avudalu), अवुडुल (Avudula);

Tamil-आमणककम् (Amanakkam), एरण्डम (Erandam);

Telegu-आमुडामु (Amudamu), एरंडमु (Erandamu);

Bengali-भेरेंडा (Bharenda);

Nepali-अँडेर (Ander);

Panjabi-अनेरू (Aneru), अरण्ड (Arand);

Marathi-एरंड (Erand), एरंडी (Erandi);

Malayalamचिट्टावणकफ (Chittavanaku), आवणकका (Avanakka), अवनक्कू (Avanaku)।

English-कैस्टर बीन (Castor bean), वन्डर ट्री (Wonder tree);

Arbi-खिरवा (Khirwa), बज्रुल खिर्बआ (Bajrul khirbya);

Persian-बेद ञ्जीर (Bedanjir), तुख्मे वेद ञ्जीर (Tukhme bedanjir)

त्वचा और बालों के लिए अरंडी के तेल के लाभ  castor oil benefits hindi

 

मुंहासे दूर करता है

अधिकांश सौंदर्य उत्पादों के साथ समस्या यह है कि वे आपकी त्वचा से तेल निकाल देते हैं। हर बार जब आपकी त्वचा तेल से लुट जाती है, तो यह अधिक तेल का उत्पादन करके नमी की कमी की भरपाई करता है जो तैलीय और सूजन वाली त्वचा की ओर जाता है जो मुँहासे को ट्रिगर करता है। अपनी त्वचा पर तेल लगाने से न डरें। कैस्टर ऑयल में आवश्यक फैटी एसिड होते हैं जो त्वचा की प्राकृतिक नमी को बहाल करने में मदद करते हैं। अपने चेहरे पर धीरे से अरंडी का तेल लगाएँ और वृत्ताकार गतियों में मालिश करें। आप इसे रात भर भी छोड़ सकते हैं और सुबह धो सकते हैं। आप अपने छिद्रों को खोलने के लिए भाप का उपयोग कर सकते हैं और आपकी त्वचा को तेल को बेहतर तरीके से अवशोषित करने में मदद कर सकते हैं

अरंडी का तेल स्किन के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है. रूखी स्किन में इसके इस्‍तेमाल से नमी बनी रहती है. इसके अलावा यह चेहरे पर चमक लाता है. इसमें मौजूद रिसिनोलिक एसिड मुंहासों को पनपाने वाले बैक्टीरिया को रोकने में उपयोगी हो सकता है. वहीं यह दाग धब्‍बों को भी दूर करने में मददगार है, जिससे चेहरा खिला-खिला नजर आता है

स्वस्थ, चमकदार बाल देता है Healthy, Shiny Hair

कोई भी तेल केवल बाहरी पोषण देता है। लेकिन अरंडी का तेल आपकी खोपड़ी को समृद्ध करने के लिए सबसे अच्छा तेल है। इसमें रिकिनोइलिक एसिड और ओमेगा -6 फैटी एसिड होता है और इसलिए जब खोपड़ी पर मालिश की जाती है तो यह रक्त परिसंचरण को बढ़ाने में मदद करता है जो बालों के विकास में सुधार करता है। कैस्टर ऑयल आपके बालों को प्राकृतिक रूप से मॉइस्चराइज़ और कंडीशन करता है।

बालों के झड़ने को रोकता है

आप सप्ताह में एक बार मेथी के बीज के पाउडर के साथ अरंडी का तेल लगा सकते हैं और इसे भाप के साथ हेयर मास्क के रूप में उपयोग कर सकते हैं। यह बालों को झड़ने से रोकता है और जड़ों को मजबूत भी बनाता है

झुर्रियों का इलाज करता है

अरंडी का तेल झुर्रियों के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक उपचार हो सकता है। यह त्वचा में प्रवेश करता है और कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाता है जो त्वचा को नरम और हाइड्रेट करता है। यह नरम और चिकनी बनाकर त्वचा को फिर से जीवंत करता है। झुर्रियों वाले क्षेत्र पर अरंडी के तेल की एक छोटी मात्रा लागू करें और इसे रात भर छोड़ दें।

सूखे होंठों की समस्या होगी दूर

अरंडी के तेल के रोजाना इस्तेमाल से सूखे होंठों की समस्या खत्म हो जाती है और आपके होंठ गुलाबी और मुलायम बनते हैं. सर्दियों में आप खासतौर पर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.

अगर आप घनी भौहें और पलकें चाहते हैं तो अरंडी का तेल लगाना इसमें बहुत ही उपयोगी रहेगा।

कब्ज के लिए उपाय Castor oil Benefits for Stomach in Hindi

कैस्टर ऑयल एक रेचक के रूप में भी काम करता है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि शोधकर्ताओं ने पाया है कि कैस्टर ऑयल में मुख्य फैटी एसिड जिसे रिकिनोइलिक एसिड कहा जाता है, वह आपकी आंतों की दीवारों की मांसपेशियों की कोशिकाओं पर रिसेप्टर्स को बांधता है। यह उन मांसपेशियों को अनुबंधित करने और मल को बाहर निकालने का कारण बनता है और इस प्रकार, कब्ज से राहत देता है। अरंडी का तेल दिन के दौरान प्रभावी ढंग से और जल्दी से काम करता है। दिन में एक बार तेल की 15 मिलीलीटर खुराक लें। चूँकि इसका स्वाद बहुत ही मज़बूत होता है, इसलिए कुछ लोगों ने स्वाद को बढ़ाने के लिए इसे खाने से पहले थोड़ा ठंडा करने का सुझाव दिया.ध्यान रहे गर्भवती स्त्रियाँ इसका इस्तेमाल नही करे।

 note: हालांकि इसका सेवन डॉक्‍टर की सलाह पर ही करना चाहिए.

पाइल्स के कष्ट से दिलाये राहत अरंडी (Arandi Leaves for Piles in Hindi)

20-30 मिली एरण्ड के पत्ते के काढ़े में 15 मिली घृतकुमारी स्वरस मिलाकर प्रात सायं सेवन करने से अर्श में लाभ होता है।

रूसी से दिलाए छुटकारा

कैस्टर ऑयल में एन्टी-वायरल, एन्टी-बैक्टीरियल और एन्टी-फंगल गुण मौजूद होते हैं, जो स्कैल्प में होने वाले हर तरह के इंफेक्शन, डैंड्रफ आदि की समस्या को दूर करता है। सिर के बाल बहुत अधिक गिर रहे हैं, तो कैस्टर यानी अरंडी का तेल लगाएं। इससे रूसी के कारण होने वील खुजली भी समाप्त होती है। कैस्टर ऑयल रूसी को दूर करता है

स्वास्थ्य के लिए अरंडी के तेल के फायदे  more health benifits of castor oil hindi

  • जिनको जोड़ो में दर्द और सूजन है उन्हें अरंडी के तेल से हल्के हाथ से मसाज करनी चाहिए, आराम मिलेगा।
  • शरीर पर आए खरोच पर अरंडी का तेल लगाए। अरंडी के तेल में एंटीसेप्टिक गुण होता है।
  • ऐसा माना जाता है कि 4 चम्मच नारियल के तेल में अगर २ चम्मच अरंडी का तेल मिलाकर दाद पर लगाया जाए तो आराम आता है।
  • पीठ में दर्द हो तो दर्द वाले जगह पर अरंडी का तेल लगाए और साफ़ और सॉफ्ट कपडे से ढक दे, आराम आएगा। ऐसा आप कुछ दिनों तक नियमित रूप से करे।

 

एरंड कहां पाया और उगाया जाता है (Where is castor is Found or Grown  in Hindi)

इसका छोटा वृक्ष या क्षुप होता है। इसके बीजों की मींगी से जो तेल प्राप्त होता है।  एरण्ड रक्त और श्वेत दो प्रकार का होता है। जिन वृक्षों के बीज बड़े होते हैं, उनका तेल जलाने के काम आता है और जिनके बीज छोटे होते हैं, उनका तेल औषधि में प्रयोग किया जाता है। इसके अतिरिक्त व्याघएरण्ड का प्रयोग भी चिकित्सा के लिए किया जाता है।

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. hindilish इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

उड़द की दाल के 5 ‘चमत्कारी’ फायदे,दिल से लेकर पेट की परेशानी तक..

Urad Dal Uses and Benefits in hindi Urad dal ke fayde

Urad Dal Uses and Benefits in hindi Urad dal ke fayde

दालों (Pulses) को प्रोटीन (Protein) का पावर हाउस माना जाता है. वेजिटेरियन लोगों के लिए दाल ही प्रोटीन की कमी को पूरा करती है. उड़द की दाल के कई फायदे हैं.. जानें आपकी कितनी बीमारियों को जड़ से उखाड़ देती है उड़द की दाल

उड़द दाल क्या है? (What is Urad Dal in Hindi?)

उड़द काली तथा हरी आदि कई तरह की होती है। सब प्रकार के उड़दों में काले रंग की उड़द उत्तम मानी जाती है। वैद्यक ग्रन्थों में अनेक पौष्टिक प्रयोगों में उड़द की प्रशंसा की गई है। वास्तव में आमिष भोजियों के लिए जिस प्रकार मांस पुष्टिदायक माना जाता है, उसी प्रकार या उससे बढ़कर निरामिष भोजियों के लिए माष अर्थात् उड़द मांसवर्धक और पुष्टिकर होता है।

उड़द दाल के फायदों (benefits of urad dal – Urad Dal Uses and Benefits in hindi Urad dal ke fayde ) के बारे में जितना बोले कम होगा, क्योंकि इसमें कैल्शियम, पोटाशियम, आयरन, फैट, जिंक जैसे अनेक पौष्टिक तत्व हैं जो न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है बल्कि यौन स्वास्थ्य के परेशानियों को सुधारने में भी मदद करते हैं। उड़द प्रकृति से मधुर, गर्म तासीर की होती है।

उड़द की दाल वात कम करने वाली, शक्तिवर्द्धक, खाने में रुची बढ़ाने वाली, कफपित्तवर्धक, शुक्राणु बढ़ाने वाली, वजन बढ़ाने वाली,रक्तपित्त के प्रकोप को कम करने वाली, मूत्र संबंधी समस्या में फायदेमंद, तथा परिश्रम करने वालों के लिए उपयुक्त आहार होता है। इसका प्रयोग पाइल्स, सांस की परेशानी में लाभप्रद होता है। इसके अलावा उड़द की जड़ अनिद्रा की बीमारी में बहुत फायदेमंद होती है क्योंकि इसके सेवन से नींद आती है।

उड़द की दाल [Urad Dal] बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन [circulation] बढ़ाती है। इसमें बड़ी मात्रा में बायोऐक्टिव कंपाउंड्स [Bioactive compound] होते हैं जो हमारी बॉडी के फूड फंक्शन को इंप्रूव करते [Improving food function] हैं। हमारे पाचन तंत्र को ऊर्जा देकर हमें हर समय एनर्जेटिक [Energetic] रखते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि आधा कप उड़द की दाल [Half a cup of urad dal] में 114 किलो कैलरी होती हैं।

अन्य भाषाओं में उड़द दाल के नाम (Name of Urad dal in different languages in hindi)

उड़द दाल का वानस्पतिक नाम Vigna mungo (L.) Hepper (विग्ना मूंगो) होता है। इसका कुल Fabaceae (फैबेसी) होता है। उड़द दाल का अंग्रेजी नाम Black gram (ब्लैक ग्राम) है। लेकिन उड़द दाल को भारत के अन्य प्रांतों में भिन्न-भिन्न नामों से पुकारा जाता है। जैसे-

Urad dal in-

Sanskrit-माष, कुरुविन्द, धान्यवीर, वृषांकुर, मांसल, बलाढ्य, पित्रृभोजन, बीजरत्न, बली, बीजवर;
Hindi-उड़द, उड़िद उरद, उर्दी;
Odia-कालामूग (Kalamug);
Urdu-उड़द (Urada);
Kannada–उडु (Udu), उड्डू (Uddu);
Konkani-चीरीन्गो (Chiringo);
Gujrati-अदाद (Adad), अरद (Arad), अडद (Adad);
Tamil-उलुंडु (Ulundu);
Telugu–उडडुलु (Uttul), मिनुमुलु (Minumulu);
Bengali-माष कलाय (Mashkalaya);
Nepali-माष (Mash), मे (Mei);
Panjabi-मूजी (Muji);
Marathi-मगा (Maga), उड़ीद (Udid);
Malayalam-उजुन्नू (Uzhunn)।
Arbi-माष (Masha), माषे-हिन्दी (Mash-e-hindi);
Persian-माष (Mash), बनु सियाह (Banu-siyah)।

उड़द दाल के फायदे (Urad Dal Uses and Benefits in hindi Urad dal ke fayde )

बोन फ्रैक्चर का रिस्क घटाए

उड़द की दाल से प्रॉसेस्ड फूड और फास्ट फूड ना बनाकर अगर इसे दाल, साबुत उड़द या उड़द की दाल के लड्डू के रूप में खाया जाए तो यह शरीर को कहीं अधिक फायदा पहुंचाती है। इससे हमारी हड्डियां मजबूत बनती हैं और बोन फ्रैक्चर का खतरा कम होता है।

उड़द में मैग्नीशियम, कॉपर, जिंग, मैग्नीज, फास्फोरस, कैल्शियम और कई तरह के मिनरल्स होते हैं। ये सभी हमारी हड्डियों को मजबूत बनाने का काम करते हैं। उड़द की दाल की तासीर गर्म होती है, इस कारण सर्दियों में इससे बने लड्डू खाने से हमारे शरीर पर ठंड का असर नहीं होता है।

वीर्य बढ़ाने में मददगार

उड़द की दाल का सेवन पुरुषों में वीर्य बढ़ाने का काम करता है। पुरानी मान्यताओं के साथ ही अब हेल्थ एक्सपर्ट्स भी मानने लगे हैं कि उड़द की दाल के लड्डू मस्कुलिन पॉवर बढ़ाने में मददगार होते हैं। इन्हें खाने से मसल्स और बोन्स तो मजबूत होती ही हैं, पौरुष शक्ति में भी बढ़ोतरी होती है।

शरीर को गठीला बनाए

उड़द की दाल शरीर को गठीला और मजबूत बनाने का काम करती है। जो लोग बेहद पतले होते हैं, उन्हें सर्दियों में उड़द की दाल के लड्डू जरूर खाने चाहिए। वे हेल्दी और फिट दिखने लगेंगे।

मसल्स को स्ट्रॉन्ग बनाए

उड़द की दाल में मैग्नीशियम होता है, जो हार्ट प्रॉब्लम्स से बचाता है। उड़द की दाल और साबुत उड़द की तरह ही, देसी घी और गुड़ में बनाए गए उड़द की दाल के लड्डू मसल्स को स्ट्रॉन्ग बनाने का काम करते हैं।

ब्लड प्रेशर कम करे

सर्दी में हार्ट से संबंधित बीमारियां होने का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है। उड़द और उड़द की दाल में ऐसे न्यूट्रिऐंट्स होते हैं जो हमारे ब्लड प्रेशर को नॉर्मल रखने के का काम करते हैं। जैसे, उड़द की दाल में सोडियम एकदम कम होता है जबकि पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीज हाई होते हैं। ये सभी न्यूट्रिऐंट्स ब्लड प्रेशर को प्राकृतिक तौर पर कम रखने का काम करते हैं।

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