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卐 ।। श्री सीता-रामाभ्यां नमः ।। 卐

श्री राम-सीता डिजिटल दरबार

प्रभु श्री राम और कृपामयी माता सीता के पावन चरणों में दीप प्रज्वलित करें, अपनी मनोकामना अर्पित करें और पावन संकल्प पत्र प्राप्त करें।

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समर्पित पावन दीप 184,528+
📿
राम नाम जप संख्या 1,248,500+
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विश्वभर से श्रद्धालु 42,800+
श्री राम-सीता दिव्य गर्भगृह दर्शन - प्रभु श्री राम, माता जानकी, लक्ष्मण जी एवं हनुमान जी

🚩 प्रभु श्री राम व माता जानकी दिव्य दर्शन

"मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी॥"

राम
📿 108 पावन मनके • तुलसी/रुद्राक्ष माला

डिजिटल राम नाम जप माला

"कलयुग केवल नाम अधारा। सुमिरि सुमिरि नर उतरहिं पारा॥" — प्रत्येक स्पर्श पर मन में "जय सिया राम" का स्मरण करें।

मनका संख्या: 0 / 108 पूर्ण माला: 0
श्री राम जय राम जय जय राम

💡 सुझाव: आप कीबोर्ड का Spacebar दबाकर भी जप कर सकते हैं।

🪔 भक्त मनोकामना दीवार व पावन दीप

अयोध्या, जनकपुर और विश्वभर से श्रद्धालुओं द्वारा प्रभु युगल को समर्पित प्रार्थनाएं

न

नीरज एवं राधिका पटेल

🇬🇧 लंदन
🪔 पीतल दीप

"प्रभु श्री राम हमारे व्यापार और कर्म में सच्चाई, निष्ठा और सफलता का आशीर्वाद दें। सर्वत्र मर्यादा और करुणा का संचार हो।"

📜 सकल पदारथ एहि जग माहीं। करमहीन नर पावत नाहीं॥
संकल्प पत्र देखें →
नित्य वंदना

श्री राम व जानकी पावन स्तुति

गोस्वामी तुलसीदास कृत अमर स्तुतियों का पाठ कर प्रभु कृपा के पात्र बनें

📜 श्री रामचंद्र कृपालु भजु मन

श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणम्।
नवकंज लोचन, कंज मुख, कर कंज, पद कंजारुणम्॥

कंदर्प अगणित अमित छवि, नवनील नीरद सुन्दरम्।
पट पीत मानहु तड़ित रुचि शुचि नौमि जनक सुतावरम्॥

भजु दीनबंधु दिनेश दानव दैत्यवंश निकन्दनम्।
रघुनन्द आनंदकंद कोशलचंद दशरथ नन्दनम्॥

सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारु अंग विभूषणम्।
आजानुभुज शर चाप धर, संग्राम-जित-खरदूषणम्॥

🪔 श्री रामचन्द्र जी की पावन आरती

आरती कीजै श्री रघुवर जी की। सत चित आनंद रूप परम हितकारी की॥
जाके उर वैदेही सोहैं। लखन लाल बामहिं मन मोहैं॥

चरण कमल हनुमत अनुरागें। भरत शत्रुघ्न चँवर ढुरागें॥
कनक सिंहासन राजित जोरी। सुर नर मुनि जन तृषित निहोरी॥

आरती करत सकल सुर देवा। पावत सुख सनकादिक सेवा॥
राम नाम जो सुमिरन करई। सो नर भवसागर ते तरई॥

।। सियावर रामचंद्र की जय! उमापति महादेव की जय! पवनसुत हनुमान की जय! ।।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. क्या डिजिटल दरबार में दीप जलाना शास्त्र सम्मत और फलदायी है? ▼

हाँ। सनातन धर्म में 'भाव' ही सर्वोपरि है—"भावहिं जान सुमित्र भवानी। मन क्रम वचन चरन रति मानी॥" जब कोई भक्त संसार के किसी भी कोने से एकाग्रचित्त होकर प्रभु श्री राम और माता सीता के चरणों में अपनी श्रद्धा और संकल्प अर्पित करता है, तो वह भावपूर्ण आराधना प्रभु तक पहुंचती है।

2. श्री राम कृपा संकल्प पत्र क्या है और इसे कैसे प्राप्त करें? ▼

जब आप अपना नाम, नगर और मनोकामना लिखकर दीप प्रज्वलित करते हैं, तो प्रणाली तुरंत आपके नाम का एक पवित्र "श्री राम कृपा संकल्प पत्र" तैयार करती है, जिसमें श्री रामचरितमानस की शुभ चौपाई और आपका संकल्प क्रमांक अंकित होता है। इसे आप WhatsApp Status पर शेयर या डाउनलोड कर सकते हैं।

3. 108 राम नाम जप का क्या महत्व है? ▼

महर्षि वाल्मीकि एवं गोस्वामी तुलसीदास जी के अनुसार राम नाम 'तारक मंत्र' है। 108 मनकों की माला से जप करने से चित्त शांत होता है, मानसिक तनाव मिटता है और जीवन के सभी विघ्न नष्ट होते हैं।