खेल जगत में भारत बनाम पाकिस्तान के क्रिकेट मैच जैसा दबाव और जुनून कहीं और नहीं दिखता। जब दोनों टीमें मैदान पर उतरती हैं, तो दोनों देशों की सड़कें वीरान हो जाती हैं और अरबों लोग टीवी स्क्रीन से चिपक जाते हैं। आइए याद करते हैं इस राइवलरी के 5 सबसे ऐतिहासिक और सांसें रोक देने वाले मैच।
1. जावेद मियांदाद का शारजाह छक्का (18 अप्रैल 1986)
शारजाह में ऑस्ट्रल-एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान को आखिरी गेंद पर जीत के लिए 4 रन चाहिए थे और 9 विकेट गिर चुके थे। चेतन शर्मा ने यॉर्कर फेंकने की कोशिश की लेकिन गेंद लो-फुलटॉस रह गई। मियांदाद ने लेग साइड पर छक्का जड़कर पाकिस्तान को 1 विकेट से अविश्वसनीय जीत दिला दी। इस छक्के का दर्द भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को सालों तक सताता रहा।
2. 2003 वर्ल्ड कप: सचिन तेंदुलकर का 98 रन (सेंचुरियन)
सईद अनवर के शतक के दम पर पाकिस्तान ने 273 रन बनाए। इसके बाद सचिन तेंदुलकर ने शोएब अख्तर, वसीम अकरम और वकार यूनिस की दुनिया की सबसे खूंखार बॉलिंग तिकड़ी के खिलाफ जो आक्रामकता दिखाई, वह महाकाव्य जैसी थी। शोएब अख्तर की 150 किमी/घंटा की गेंद पर बैकवर्ड पॉइंट के ऊपर सचिन का अपर-कट छक्का आज भी क्रिकेट का सबसे प्रतिष्ठित शॉट माना जाता है। भारत 6 विकेट से जीता।
3. 2007 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल (जोहान्सबर्ग)
मिस्बाह-उल-हक पाकिस्तान को जीत की दहलीज पर ले आए थे। आखिरी 4 गेंदों में 6 रन चाहिए थे। जोगिंदर शर्मा की गेंद पर मिस्बाह का वो स्कूप शॉट और श्रीसंत का कैच—भारत 5 रन से जीतकर विश्व चैंपियन बना।
4. 1996 वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल: वेंकटेश प्रसाद बनाम आमिर सोहेल (बेंगलुरु)
चिन्नास्वामी स्टेडियम में 288 रनों का पीछा करते हुए आमिर सोहेल ने वेंकटेश प्रसाद को चौका जड़कर बल्ले से बाउंड्री की तरफ इशारा करते हुए स्लेज किया कि 'अगली गेंद भी वहीं जाएगी'। अगली ही गेंद पर प्रसाद ने सोहेल के स्टंप्स उखाड़ दिए और चिल्लाकर पवेलियन जाने का रास्ता दिखाया।
5. 2022 टी20 वर्ल्ड कप: विराट कोहली का मेलबर्न करिश्मा (82*)
90,000 दर्शकों से खचाखच भरे एमसीजी में भारत 31 पर 4 विकेट गंवाकर हार की कगार पर था। आखिरी 8 गेंदों में 28 रन चाहिए थे। कोहली ने हारिस रऊफ की 148 किमी/घंटे की गेंद पर बैकफुट से सीधे सिर के ऊपर जो अकल्पनीय छक्का लगाया, उसने क्रिकेट विशेषज्ञों को अवाक कर दिया। भारत ने अंतिम गेंद पर रोमांचक जीत दर्ज की।