क्रिकेट मैच के परिणाम को सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला कारक मैदान की 22-गज की पिच (Pitch) होती है। इंग्लैंड की हरी घास से लेकर भारत की सूखी टर्निंग पिचों तक, मिट्टी और मौसम का मिजाज खेल की दिशा बदल देता है।
1. ग्रीन टॉप पिच (Green Top Pitch)
इस पिच पर ताजी हरी घास छोड़ी जाती है। यह आमतौर पर इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका में पाई जाती है।
- व्यवहार: तेज गेंदबाजों को जबरदस्त सीम मूवमेंट और अतिरिक्त उछाल मिलता है। गेंद हवा में और पिच पर पड़कर दोनों तरफ स्विंग होती है।
- टॉस का फैसला: ऐसी पिच पर कप्तान टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करना पसंद करते हैं।
2. डस्ट बाउल या टर्निंग पिच (Dust Bowl / Rank Turner)
यह पिच सूखी और बिना घास वाली होती है, जिसमें मिट्टी भुरभुरी होती है। यह उपमहाद्वीप (भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश) में आम है।
- व्यवहार: पहले ही दिन से या तीसरे दिन के बाद पिच से धूल उड़ने लगती है और स्पिनरों को तीखा टर्न और असमान उछाल मिलता है।
- टॉस का फैसला: पहले बल्लेबाजी करके चौथी पारी में खतरनाक टर्न का सामना करने से बचना।
3. फ्लैट या पाटा पिच (Flat Track)
सख्त, रोल की हुई और बिना घास की सपाट पिच, जिसे बल्लेबाजों का स्वर्ग (Batting Paradise) कहा जाता है।
- व्यवहार: गेंद बल्ले पर बहुत अच्छे से आती है, न सीम मूवमेंट होती है और न ज्यादा टर्न। सीमित ओवरों के मैचों में हाई-स्कोरिंग गेम के लिए ऐसी पिच तैयार की जाती है।
4. बाउंसिंग या पेस ट्रैक (Bouncy Pitch)
ऑस्ट्रेलिया (पर्थ, गाबा) की पिचों में क्ले और लाल मिट्टी का अनुपात ज्यादा होता है। यह पिच बहुत सख्त होती है जिससे तेज गति और छाती तक का तेज उछाल मिलता है।