क्रिकेट को 'जेंटलमैन का खेल' कहा जाता है, लेकिन रिवर्स स्विंग की अंधी चाहत में कई बार दिग्गज खिलाड़ियों ने भी नियमों की लक्ष्मण रेखा लांघ दी। गेंद की बनावट और सीम से अवैध छेड़छाड़ करना क्रिकेट की दुनिया में सबसे बड़ा अपराध माना जाता है, जिसे बॉल टेंपरिंग (Ball Tampering) कहते हैं।
एमसीसी कानून 41.3: गेंद की दशा से छेड़छाड़
मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) के नियमों के अनुसार:
- खिलाड़ी गेंद को सुखाने के लिए तौलिए का इस्तेमाल कर सकता है, कीचड़ साफ कर सकता है और पसीने से चमका सकता है।
- अवैध क्या है?: गेंद पर नाखून गड़ाना, सीम को उखाड़ना, जमीन पर पटकना, किसी कृत्रिम पदार्थ (सैंडपेपर, बोतल का ढक्कन, मिंट कैंडी की मीठी लार, वैसलीन) का इस्तेमाल करना पूरी तरह गैरकानूनी है।
क्रिकेट इतिहास के 3 सबसे बड़े बॉल टेंपरिंग विवाद
1. सैंडपेपर गेट कांड (Sandpapergate - केप टाउन 2018)
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलियाई फील्डर कैमरून बैनक्रॉफ्ट को पीले रंग के रेगमाल (सैंडपेपर) से गेंद को घिसते हुए कैमरों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। उन्होंने सैंडपेपर को अपनी अंडरवियर में छिपाने की कोशिश की। इसके बाद पूरे विश्व क्रिकेट में भूचाल आ गया:
- कप्तान स्टीव स्मिथ और उपकप्तान डेविड वॉर्नर पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने 1-1 साल का कड़ा प्रतिबंध (Ban) लगाया।
- बैनक्रॉफ्ट पर 9 महीने का बैन लगा और कोच डैरेन लेहमैन को इस्तीफा देना पड़ा।
2. ओवल टेस्ट विवाद (2006 - पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड)
अंपायर डेरेल हेयर ने पाकिस्तान टीम पर बॉल टेंपरिंग का आरोप लगाते हुए इंग्लैंड को 5 पेनल्टी रन दे दिए। पाकिस्तानी कप्तान इंजमाम-उल-हक ने इसे अपमान माना और चायकाल के बाद मैदान पर उतरने से मना कर दिया। क्रिकेट इतिहास में पहली बार किसी टीम को मैच 'फॉरफीट' (हार) घोषित किया गया।
3. सचिन तेंदुलकर और पोर्ट एलिजाबेथ (2001)
मैच रेफरी माइक डेनिस ने सचिन तेंदुलकर पर गेंद की सीम साफ करने को लेकर 1 मैच का बैन लगा दिया था, जिसके बाद भारतीय संसद और मीडिया में भारी विरोध हुआ और आईसीसी को हस्तक्षेप करना पड़ा।