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क्रिकेट

2011 वर्ल्ड कप: 28 साल बाद भारत के ताज जीतने का यादगार सफर

Hindilish टीम 25 Aug 2026 अपडेट: 24 Sep 2026 7 मिनट पढ़ें 6,722
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2011 World Cup MS Dhoni Six Wankhede Stadium Hindi
2011 World Cup MS Dhoni Six Wankhede Stadium Hindi

"धोनी फिनिशेज ऑफ इन स्टाइल..."—2 अप्रैल 2011 को वानखेड़े में भारत के 28 साल बाद दोबारा विश्व चैंपियन बनने का पूरा रोमांच।

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"Dhoni finishes off in style. A magnificent strike into the crowd! India lift the World Cup after 28 years!"—रवि शास्त्री के ये शब्द 2 अप्रैल 2011 की रात हर भारतीय के जेहन में हमेशा के लिए गूंजते रहेंगे। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के अंतिम विश्व कप में पूरी टीम ने एक सपना देखा था और उसे वानखेड़े में पूरा किया।

टूर्नामेंट के हीरो: युवराज सिंह की जांबाजी

इस पूरे टूर्नामेंट के असली नायक युवराज सिंह थे, जो उस समय कैंसर की शुरुआती पीड़ा से जूझते हुए खून की उल्टियां कर रहे थे, लेकिन देश के लिए खेलते रहे। उन्होंने टूर्नामेंट में:

  • 362 रन बनाए (1 शतक, 4 अर्धशतक)।
  • अपनी बाएं हाथ की स्पिन से 15 विकेट चटकाए।
  • उन्हें 4 बार मैन ऑफ द मैच और अंत में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का पुरस्कार मिला।

2 अप्रैल 2011: वानखेड़े में श्रीलंका के खिलाफ फाइनल

श्रीलंका के दिग्गज माहेला जयवर्धने ने शतकीय पारी (103*) खेलकर भारत के सामने 275 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।

  1. शुरुआती झटका: लसिथ मलिंगा ने दूसरी ही गेंद पर सहवाग (0) और फिर सचिन तेंदुलकर (18) को आउट कर पूरे वानखेड़े में सन्नाटा खींच दिया।
  2. गौतम गंभीर की जांबाज पारी (97 रन): गंभीर ने विराट कोहली (35) के साथ 83 रनों की और फिर धोनी के साथ 109 रनों की मैच जिताऊ साझेदारी की। वे 97 के स्कोर पर बोल्ड हुए लेकिन भारत को जीत के मुहाने पर ला खड़ा किया।
  3. धोनी का मास्टरस्ट्रोक (91* रन): कप्तान धोनी ने इन-फॉर्म युवराज से पहले खुद उतरने का फैसला किया और 79 गेंदों में 91* रन ठोके। 49वें ओवर की दूसरी गेंद पर नुवान कुलसेकरा को लांग-ऑन के ऊपर लगाया गया विजयी छक्का इतिहास बन गया।

सचिन को कंधों पर उठाकर वानखेड़े का चक्कर

जीत के बाद पूरी टीम ने सचिन तेंदुलकर को अपने कंधों पर बिठाकर मैदान का चक्कर लगाया। उस समय युवा विराट कोहली ने दुनिया को भावुक करने वाला बयान दिया था—"सचिन पाजी ने 21 सालों तक देश का बोझ अपने कंधों पर उठाया, अब वक्त था कि हम उन्हें अपने कंधों पर उठाएं।"

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

2011 वर्ल्ड कप फाइनल में मैन ऑफ द मैच कौन था?
फाइनल मुकाबले में 91 रनों की नाबाद कप्तानी पारी और मैच विनिंग छक्का लगाने वाले एमएस धोनी को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया था।
2011 वर्ल्ड कप का प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट कौन बना था?
युवराज सिंह को उनके असाधारण ऑलराउंड प्रदर्शन (362 रन और 15 विकेट) के लिए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था।

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