Jitin Prasad Biography in hindi – कौन हैं जितिन प्रसाद जिसका के नाम के चर्चे गलियारों में हैं ?

Jitin Prasad biography in hindi | Kaun hai jitin prasad | jitin prasad Wikipedia in hindi

सीनियर कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद ने बुधवार को भाजपा का दामन थाम लिया है. उन्होंने रेल मंत्री पीयुष गोयल की मौजूदगी में दिल्ली में मौजूद भाजपा के दफ्तर में पार्टी की सदस्यता हासिल की है

Jitin Prasad biography in hindi
Jitin Prasad biography in hindi

एक राजनेता के तौर पर उभरे जितिन प्रसाद (Indian Politician Jitin Prasad) आज किसी पहचान के मोह्र्ताज नहीं रह गए हैं. वे पूर्व केंद्रीय मंत्री तो हैं ही इसके साथ ही जितिन प्रसाद को कांग्रेस (Indian National Congress) अध्यक्ष राहुल गांधी (Congress president rahul gandhi) के भी काफी करीबी माना जाता था. 

बताया जा रहा है कि जितिन प्रसाद कांग्रेस आला कमान से नाराज चल रहे थे और वो कांग्रेस में तवज्जो न मिलने के चलते भाजपा में शामिल हो रहे हैं

चलिए आज हम जानते हैं जितिन प्रसाद कौन हैं (who is Jitin Prasad) ? जितिन प्रसाद की बायोग्राफी (Jitin Prasad biography) ? जितिन प्रसाद का राजनैतिक करियर (Jitin Prasad political career) आदि बातें विस्तार से :

Jitin Prasad biography in hindi– Wiki/BIO

Real NameJitin Prasada
Nickname NA
Profession Famous Politician
Party NameBhartiya Janta Party (BJP)
InstagramClick Here
WikipediaClick Here
Wife NameNeha Seth

Kaun hai jitin prasad –कौन हैं जतिन प्रसाद

जितिन प्रसाद (Jitin Prasad) एक जाने-माने राजनेता के तौर पर जाने जाते हैं. उनके पिता का नाम जितेन्द्र प्रसाद (Jitendra Prasad) (बाबा साहिब) था जोकि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी (Rajiv Gandhi) और पी.वी.नरसिम्हा राव (PV Narsimha Rao) के राजनितिक सलाहकार(UP) कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के अलावा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उपाध्यक्ष के पद पर रहे थे.

Jitin Prasad पार्टी में कई अहम ओहदों पर अपनी खिदमत दी थीं. जितिन ने 2004 में शाहजहांपुर से पहली बार लोकसभा का चुनाव जीता था और उन्हें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कयादत वाली UPA सरकार में इस्पात राज्यमंत्री बनाया गया था. इसके बाद उन्होंने 2009 में धौरहरा सीट से जीत दर्ज की. फिर उन्होंने UPA सरकार में पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस, सड़क परिवहन और राजमार्ग और मानव, संसाधन विकास राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली

2004 बने सबसे युवा केंद्रीय मंत्री


इसके बाद पिता जितेंद्र प्रसाद की राजनीतिक विरासत को जितिन प्रसाद ने संभाला। वर्ष 2001 में वह इंडियन यूथ कांग्रेस से जुड़ गए। वर्ष 2004 में जितिन प्रसाद शाहजहांपुर सीट से जीतकर पहली बार लोकसभा पहुंचे। यूपीए-1 की सरकार में जितिन प्रसाद को केंद्रीय मंत्री बनाया गया। वह मंत्री बनने वाले सबसे युवा चेहरों में से एक थे।

वर्ष 2009 में जितिन प्रसाद, धौरहरा लोकसभा सीट से लड़े और जीते। यूपीए-2 में जितिन प्रसाद को पेट्रोलियम और सड़क एवं परिवहन जैसे अहम मंत्रालय की बतौर राज्य मंत्री जिम्मेदारी मिली थी। वर्ष 2014 का चुनाव जितिन प्रसाद हार गए। इसके बाद से ही जितिन प्रसाद के राजनीतिक सितारे गर्दिश में चल रहे थे।

FAQs about Jitin Prasad

जितिन प्रसाद का असली नाम क्या है?

जितिन का असली नाम जितिन प्रसाद है।

कौन सी राजनीतिक पार्टी जितिन प्रसाद का समर्थन करती है?

भारतीय जनता पार्टी का राजनीतिक दल जितिन प्रसाद का समर्थन करता है।

जितिन प्रसाद की आयु क्या है?

जितिन प्रसाद की उम्र 47 साल है।

क्या जितिन प्रसाद के खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड पाया गया है?

नहीं, जितिन प्रसाद के खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं पाया गया था।

जितिन प्रसाद की कुल संपत्ति आय क्या है?

जितिन प्रसाद की कुल संपत्ति _ है। NA

जितिन प्रसाद की पत्नी का क्या नाम है?

जितिन प्रसाद की पत्नी का नाम नेहा सेठ है।

Khan Sir Patna Biography | खान सर पटना जीवन परिचय

Khan Sir Patna Biography in hindi | khan sir ke Real Name |Khan GS Research Centre | Khan sir patna jivanparichay

पटना वाले खान सर. GS यानी जनरल स्टडीज़ वाले खान सर. टीचर हैं. अपने देसी अंदाज और टॉपिक को आसान बनाकर पढ़ाने के नाते इनकी एक तगड़ी फॉलोइंग है. यूट्यूब पर वीडियोज़ बनाकर डालते हैं. इनके चैनल Khan GS Research Centre पर 92 लाख से ज़्यादा सब्सक्राइबर्स हैं

खान सर, पटना (Khan Sir Patna) के सबसे बड़े कोचिंग संसथान खान GS रिसर्च सेण्टर के संस्थापक हैं. ये संसथान गवर्नमेंट जॉब्स के entrance परीक्षा की तैयारी कराता हे. पटना में ये इंस्टिट्यूट UPSC, UPPCS, BPSC, BSSC, UPSSSC, SSC, Bank, Rly, Airforce कोचिंग के लिए सबसे अच्छा माना जाता हे. खान सर खुद सामान्य ज्ञान (general studies) की तैयारी कराते हैं. खान सर, पटना में और पूरे बिहार में काफी प्रसिद्ध हे.

Khan Sir Patna Biography in hindi

उनकी शिक्षण शैली इस मायने में अनूठी है कि यह उनकी बिहारी भाषा में सरल और सीधी है, जो एक रमणीय भाषा है। हम किसी भी मुद्दे को वास्तव में अच्छी तरह से समझा सकते हैं, और लोग इसका आनंद लेते हैं। इन्हें अब्दुल कलाम के नाम से भी जाना जाता है। तो दोस्तों आज हम आपको खान सर पटना की एक विस्तृत जीवनी हिंदी में पेश करेंगे। तो चलो शुरू हो जाओ।

हम आपको इस लेख में सभी तथ्य प्रदान करेंगे ताकि आपको किसी अन्य लेख पर जाने की आवश्यकता न हो; सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण, हम खान सर के पूरे बायो के बारे में जानते हैं

khan sir kon hai -Khan sir patna jivanparichay

खान सर वो है जो किसि भि subject सरल भाषा मे आपको पढा सक्ते है । खान सर कि सोच अपने से बडा देश है , यिसि सोच से वो सबको पढाते है , ताकि student के future अछा हो सके, लेकिन आज कल लोग उनसे लोग धर्म ,नाम पुछ्ने लगे है, पर उसने कभि भि यिन बातो पर ज्यादा ध्यान नहि दिया ।

आप ये नहि जानते कि खान सर 1 Video बनाने के लिये या समझिये आप को पढाने के लिये कितने तयारि करते होंगे ताकि आप को 1 बार मे हि समझ मे आजाये , लेकिन नहि हम को तो उनके जात,धर्म देखना है ।

खान सर का जन्म यूपी के गोरखपुर में हुआ था, उसके बाद वे पटना, बिहार में रहने लगे। उसके बाद, उन्होंने एक कोचिंग सेंटर शुरू किया और ऑफलाइन और ऑनलाइन सभी छात्रों को पढ़ाना शुरू किया। वह कभी भी किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं थे और सभी छात्रों का सम्मान करते थे। उन्होंने पटना में खान जीएस रिसर्च सेंटर, सबसे बड़ा कोचिंग सेंटर खोला, और इसी के साथ उन्होंने पटना में सबसे बड़े पुस्तकालय की स्थापना की।

Who Is Khan Sir | Khan Sir or Amit Singh | #Report on Khan | Real Name of Khan Sir

शुरू में, उनके कोचिंग संस्थान में छात्र कम थे, लेकिन उनके बढ़ने के तरीकों को देखते हुए, उनकी कोचिंग बहुत तेजी से बढ़ी। वह एक बार में 5000 छात्रों को पढाते है और कुछ लोग जगह नहीं होने के कारण वेटिंग लिस्ट में खड़े रहते हैं। ऐसी कारन अब ऑनलाइन क्लास चालू कर दिए जिसमे अब वो लाखो स्टूडेंट्स पढ़ाते रहे हैं

Khan sir patna Wikipedia in hindi-Khan Sir Patna Biography in hindi

khan sir ke Real Name/ असली नाम 

Faizal Khan ( फैज़ल खान ) 
Nickname/ निकनेम Khan Sir  ( खान सर )
Profession/ पेशा Teacher (शिक्षक )
Famous For/ प्रशिद्ध   Teaching Style (पढ़ाने के तरीके)

khan sir Date of Birth/ जन्म दिन 

03 June 1986 (Age As on 2021)
Birth Place/ जन्म स्थान Gorakhpur, U.P
Hometown/ सहर Patna, Bihar
Religion/ धर्म Muslim
Nationality/ राष्ट्रीयता Indian

Khan Sir Patna Contact Number | Khan GS Research Center Address Details

Khan Sir Patna Contact Number+91 8757354880, +91 8877918018
Khan GS Research Center AddressKisan Cold Storage, Sai Mandir, Musallah pur, Patna 800006

Khan Sir Patna Education

खान सर पटना पटना में एक उच्च प्रमाणित शिक्षक हैं जो जीएस रिसर्च सेंटर कोचिंग सेंटर चलाते हैं और उनका एक यूट्यूब चैनल है।

SchoolLocal School in Gorakhpur
CollegeAllahabad University, UP
DegreeB.Sc, M.Sc
Job/OwnerBiggest Coaching Institute in Patna, Bihar

Khan Sir Social Media

Khan Sir Instgram@khansirpatna_
Khan Sir Facebook@khangsresearchcenter
Khan Sir Official AppDownload Here
Khan Sir Twitter@khansirpatna
Business Number+91 8877918018
+91 8757354880
Khan Sir AddressKishan Cold Storage, Patna 800006
Khan Sir YoutubeKhan GS Research Centre

Khan Sir Gs Research Center के बारे में खास बात क्या है?

Khan Sir बहुत ही सरल और आसानी से समझाते है, कितनी भी कठिन विषय हो Khan Sir आसानी से समझा देते है।

Khan Sir Patna के Youtube Channel “Khan Gs Research Center” की खास बात यह है यंहा Students ही नहीं बल्कि Guardians भी पढ़ते है और Khan सर से जानकारी लेते है।

खान सर अपने कोचिंग सेंटर में ईद, दिवाली, मकर संक्रान्ति, दशहरा, रक्षाबंधन, होली, सरस्वती पूजा और Christmas सभी बड़े धूम-धाम से मानते है।

मुस्लिम होने बावजूद, खान सर हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी धर्मो को पर्व-त्यौहार मनाते है।

वे अपने Students को भी यही सिखाते है की हमें हिन्दू, मुस्लिम,सिख और ईसाई नहीं, बल्कि हिंदुस्तानी होने पर गर्व करना चाहिए।

खान सर का घर तो उत्तेर-प्रदेश के जिला गोरखपुर में है, लेकिन Khan Sir के Patna में ननिहाल है, इसलिए इन्होने अपनी प्रारभिक शिक्षा बिहार से पूरी ही की है और यही से खान सर अपनी सफलता की सीढ़ी पर चढ़ते गए। और अभी के समय में बिहार के सबसे बड़ा कोचिंग सेंटर बन चूका है।

Khan Gs Research Center के नाम से खान सर एक लाइब्रेरी भी चलाते है।

खान सर के क्लास रूम में बैठने के लिए सीटे काम पड़ जाती है, तो बच्चे खड़े रहकर कई घंटो तक पढाई कर लेते है।

खान सर अपने कोचिंग सेंटर के बच्चो से Blood Donate भी कराते है।

जब देश से जुडी किसी भी समस्या पर Khan Sir वीडियो बनाते है तो इनके वीडियो के अंत में उस समस्या के समाधान इतने जोरदार होते है, जिसके कारण बड़े-बड़े नेता और सेलिब्रिटी भी इनके वीडियो को देखते है और Share करते है।

खान सर ने एक Orphanage Shed भी चलाते है, जिसमें अनाथ बच्चों की अच्छे से देखभाल करने की कोशिश करते है और एक गोशाला भी खोली है। इन्ही कारणों से Students, Khan Sir को एक अच्छे इंसान भी मानते है। इन्हे तो कुछ Students, Abdul Kalam भी कहते है।

खान सर का संघर्ष भरा जीवन-khan sir patna life story in hindi

इतने बड़े मुकाम तक पहुंचने के लिए आंसर ने कठिन परिश्रम किया उनके सामने बहुत सारी परेशानियां हैं जब भी पहली बार पटना आए तब उन्हें रहने के लिए किराए का मकान नहीं मिल रहा था पढ़ाने के लिए मकान नहीं मिल रहा था उन्होंने एक छोटे से कमरे से पढ़ने का कार्य शुरू किया उनका एक ही सपना था कि हम शिक्षा को इतना सुलभ बना सके कि पैसे की कमी के कारण कोई भी छात्र पढ़ाई से दूर ना भागे।

उन्होंने इन सब चीजों को पार करते हुए इस मुकाम को हासिल किया खान सर के ऊपर जानलेवा हमला भी हुआ 2020 के ही समय खान सर के कोचिंग संस्थान में बम द्वारा अटैक किया गया इससे उनके कोचिंग को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ प्रशांत सर इन सब चीजों से डरे नहीं और

उन्होंने पढ़ाने का कार्य अभी भी शुरू रखा उन्होंने कहा कि मैं अपने देश के लिए कुछ कर रहा हूं अगर इसके लिए करते हुए मेरी जान भी चली जाए तो मुझे कोई परवाह नहीं है पर मैं अपनी इस कार्य को बंद नहीं करूंगा मैं अपने देश के हर एक बच्चे को सस्ता शिक्षा और मुफ्त शिक्षा मुहैया कराऊंगा ताकि हमारे देश के भविष्य को उज्जवल बना सकें

खान सर की कमाई khan sir patna net worth

एक अनुमान के अनुसार खान सर के कमाई हर महीने की 100000 से लेकर 500000 तक है उन्होंने इन मुकाम को हासिल बहुत ही कम वर्ष में किया इसके अलावा खान सर ने देश के लिए बहुत ही कुछ किया खान सर ने अपने इन रुपयों का इस्तेमाल देश की भलाई और लोगों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए किया।

FAQs – Frequently Asked Questions

Khan Sir Patna Ka Real Name Kya Hai?

Khan Sir Patna Ka Real Name Faizal Khan Hai.

Khan Sir Kon Hai ?

खान सर, पटना (Khan Sir Patna) के सबसे बड़े कोचिंग संसथान खान GS रिसर्च सेण्टर के संस्थापक हैं. ये संसथान गवर्नमेंट जॉब्स के entrance परीक्षा की तैयारी कराता हे. पटना में ये इंस्टिट्यूट UPSC, UPPCS, BPSC, BSSC, UPSSSC, SSC, Bank, Rly, Airforce कोचिंग के लिए सबसे अच्छा माना जाता हे

Khan Sir Ki Coaching Institue Ka Kya Naam Hai

खान GS रिसर्च सेण्टर

Khan Sir Patna education Qualification

B.Sc, M.Sc

What is net worth of Khan sir? Khan sir kitne kamate hai?

1 Crore

सुहाना खान बायोग्राफी

Suhana Khan Biography in Hindi | सुहाना खान जीवन परिचय Suhana Khan Biography Age, Movies, Photos, Family, Boyfriend

Suhana khan Wikipedia hindi

बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान और गौरी खान की बेटी सुहाना खान (Suhana Khan) का आज 22 मई को बर्थडे है और आज के दिन वे 21 साल की हो गई हैं. बॉलीवुड इंडस्ट्री के सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले स्टारकिड्स में से सुहाना एक हैं. भले ही बॉलीवुड में अभी तक सुहाना (Suhana Khan) ने डेब्यू नहीं किया है, लेकिन उनके फैंस की लिस्ट काफी लंबी है।

इनको पॉप म्यूजिक काफी ज्यादा पसंद है और ये ज़ेन मलिक के गाने सुनना काफी पसंद करती है अगर इनके पसंदिता अभिनेता की बात करे तो इनको सलमान खान, शाहरुख़ खान, शाहिद कपूर इनके पसंदिता अभिनेता है।

Suhana Khan Biography in Hindi

अभिनेत्री में से इनको दीपिका पादुकोण, आलिआ भट्ट और श्रद्धा कपूर काफी ज्यादा पसंद है  इनको खाने में इटालियन खाना बेहद ज्यादा पसंद है

सुहाना की स्कूली पढाई धीरुभाई अंबानी इंटरनेशनेल स्कूल से हुई है और कॉलेज की पढाई लंदन आर्डिंगली कॉलेज से स्नातक की पढाई की है। वर्तमान में सुहाना खान न्यूयोर्क विश्वविघालय में एक्टिंग सिख रही है।

सुहाना खान को सबसे जादा फुटबॉल खेलना पसन्द है। और उनको लिखना भी काफी पसन्द है वह कहानी लिखने मे काफी जादा interst रखती है। और उनको डांस करना भी काफी अच्छा लगता है। सुहाना खान लंदन में घुमना जादा पसन्द करती है। और इनको इटालियन खाना बहोत ही जादा पसन्द है वह अक्सर इटालियन खाना खाया करती है।

 

जीवन परिचय suhana khan Bigraphy  in hindi

वास्तविक नाम सुहाना खान
उपनाम कोई नहीं

शारीरिक संरचना

लम्बाई (लगभग) से० मी०- 158
मी०- 1.58
फीट इन्च- 5′ 2”
वजन/भार (लगभग) 42 कि० ग्रा०
शारीरिक बनावट 30-26-34
आँखों का रंग भूरा
बालों का रंग काला

व्यक्तिगत जीवन (Personal Life)

जन्मतिथि 22 मई 2000
आयु (2021 के अनुसार)Suhana Khan Age 21 वर्ष
जन्मस्थान मुंबई, महाराष्ट्र, भारत
राशि मिथुन
राष्ट्रीयता भारतीय
गृहनगर मुंबई, महाराष्ट्र, भारत
स्कूल/विद्यालय धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल, मुंबई
महाविद्यालय/विश्वविद्यालय लागू नहीं
शैक्षिक योग्यता लागू नहीं
परिवार पिता – शाहरुख खान

Faq

सुहाना खान की उम्र क्या है?

21 Year

सुहाना खान किसकी बेटी है?

सुहान खान शाहरुख खान की बेटी है। 

सुहाना खान की मां का क्या नाम है?

गौरी खान

सुहाना खान कितने भाई बहन‌ है?

सुहाना खान कुल तीन भाई बहन है। 

सुहाना खान के भाईयों‌ का क्या नाम है?

बडे़ भाई का नाम आर्यन खान और छोटे का नाम अब्राम खान

सुहाना खान‌ का जन्मदिन कब आता है?

सुहाना खान का जन्मदिन 22 मई को आता है।

सुहाना खान के विवाद Suhana khan controversy

दोस्तो वैसे तो सुहाना खान के कोई विवाद नही है। पर एक बार वह अपने Social media Acount पे एक फोटो डाला था। यह फोटो सुहाना ने सन् 2016 मार्च में डाला था। अपने‌ छोटे भाई के साथ जिसमें वह विकिनी ड्रेस में थी और वह बहोत बहोत Viral हुई थी जिससे social media पे जादा हंगामा हुआ था। और इनकाे काफी कंमेंट भी आ रहे थे। जिस से सुहाना को काफी परेशानियो का सामना करना पडा़ था।

Suhana khan Jivanparichay in hindi

धर्मइस्लाम
शौक/अभिरुचिनृत्य करना, फुटबॉल खेलना, यात्रा करना और लिखना
विवादमार्च 2016 में उनकी एक तस्वीर इंटरनेट पर बहुत वायरल हुई, जिसमें वह समुद्री तट पर अपने छोटे भाई के साथ बिकनी में नजर आईं। जिससे उन्हें कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।
पसंदीदा चीजें
पसंदीदा भोजनइतालवी व्यंजन
पसंदीदा अभिनेतासलमान खान, शाहरुख खान, शाहिद कपूर और फरहान अख्तर
पसंदीदा अभिनेत्रियांप्रियंका चोपड़ा, दीपिका पादुकोण, आलिया भट्ट, श्रद्धा कपूर और जैकलिन फर्नांडीज
पसंदीदा स्थानलंदन
प्रेम संबन्ध एवं अन्य जानकारियां
वैवाहिक स्थितिअविवाहित
बॉयफ्रेंड एवं अन्य मामलेज्ञात नहीं
Suhana Khan Biography in Hindi

K K Aggarwal कौन थे ? K K Aggarwal biography in Hindi.

K K Aggarwal Wikipedia in hindi | K K Aggarwal biography in Hindi | K K Aggarwal कौन थे

चर्चा में क्यों है

K K Aggarwal Wikipedia in hindi

सोमवार की शाम यानी 17 मई 2021 को देश ने अपना एक रत्न खो दिया, यानी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल। नवीनतम रिपोर्टों में कहा गया है कि पूर्व आईएमए अध्यक्ष बहुत लंबे समय से कोविड -19 वायरस से जूझ रहे थे और उनका अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज चल रहा था। केके अग्रवाल लगभग एक सप्ताह तक वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे और यह 17 मई 2021 को रात 11:30 बजे था कि कीमती आत्मा स्वर्गीय निवास के लिए रवाना हुई

अस्पताल के बेड से भी लाखों लोगों की ऐसे करते रहे मदद

कौन थे K K Aggarwal

5 सितंबर 1958 को जन्मे केके अग्रवाल एक भारतीय चिकित्सक और हृदय रोग विशेषज्ञ थे। अनुभवी डॉक्टर ने विभिन्न प्रतिष्ठित संगठनों जैसे सीएमएएओ के अध्यक्ष, हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए भी काम किया है।

वर्ष 2010 में, केके अग्रवाल को भारत सरकार द्वारा चिकित्सा के क्षेत्र में उनके अपार योगदान के लिए प्रतिष्ठित पद्म श्री, भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

केके अग्रवाल शिक्षा education of  K K Aggarwal

 डॉ केके अग्रवाल ने वर्ष १९७९ में नागपुर विश्वविद्यालय से एमबीबीएस की डिग्री पूरी की और आगे १९८३ में नागपुर विश्वविद्यालय से एमडी प्राप्त किया। इसके अलावा, अनुभवी चिकित्सक और हृदय रोग विशेषज्ञ मूलचंद में एक वरिष्ठ सलाहकार के रूप में काम करते थे।

K K Aggarwal Wikipedia in hindi

Points : Information
नाम  : डॉ कृष्ण कुमार अग्रवाल
अन्य उपाधियाँ : प्रोफेसर, रोटेरियन(PROFESSOR, ROTARIAN)
DATE OF बिरथ जन्म तिथि : 5 सितंबर, 1958, जन्माष्टमी, शुक्रवार, शाम 6 बजे, कस्तूरबा अस्पताल, दिल्ली
लाइसेंस : भारत में अभ्यास करने के लिए लाइसेंस, एमसीआई लाइसेंस # 45721 (महाराष्ट्र, बॉम्बे) दिल्ली मेडिकल काउंसिल लाइसेंस # 12679
वैवाहिक स्थिति : पत्नी :डॉ वीना अग्रवाल, एमबीबीएस, डीजीओ, बच्चे : पुत्र नीलेश, बेटी नैना(wife: Dr Veena Aggarwal, MBBS, DGO, Children: Son Nilesh, Daughter Naina)
राष्ट्रीयता : Indian
ADDRESS : एस-344, ग्रेटर कैलाश-I, नई दिल्ली, 48
RES. PHONE/FAX  : आरईएस। फोन/फैक्स: २६४७७७४८/२६४८६९१४, एम: ९८११०९०२०६ ईमेल: kkaggarwal@heartcarefoundation.org
जीवन में उद्देश्य : लागत प्रभावी स्वास्थ्य जागरूकता मॉड्यूल की अवधारणा करना और कम लागत वाली मेडिकेयर का प्रचार करना
मिशन वक्तव्य : मैं बिना शर्त प्यार की अभिव्यक्ति हूं जो उत्साह के माहौल में सम्मान और मूल्य से भरी उत्कृष्ट सेवा प्रदान करके दूसरों की मदद करने के लिए पैदा हुआ हूं।
Passionजुनून : नए स्वास्थ्य जागरूकता मॉड्यूल बनाएं, अवधारणा करें और कार्यान्वित करें।”

केके अग्रवाल उपलब्धियां KK Aggarwal Achievements

डॉ. केके अग्रवाल को 2010 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, और 2005 में भी डॉ. बी.सी. रॉय अवार्ड, चिकित्सा श्रेणी में सर्वोच्च भारतीय पुरस्कार। इसके अलावा, अग्रवाल को विश्व हिंदी सम्मान, राष्ट्रीय विज्ञान संचार पुरस्कार, फिक्की हेल्थ केयर पर्सनैलिटी ऑफ द ईयर अवार्ड, डॉ डीएस मुंगेकर राष्ट्रीय आईएमए पुरस्कार और राजीव गांधी उत्कृष्टता पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

केके अग्रवाल सीपीआर 10 में गोल्ड मेडलिस्ट और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड धारक भी थे, और आईजेसीपी ग्रुप के मुख्य संपादक भी थे।

आखिर क्या है 2-DG ?कोरोना पर उम्मीद जगाने वाली दवा 2-DG कैसे बनी

2-DG kya hai | dr reddy’s laboratories | kisne banayi 2-DG | 2-DG kaise kam karti hai | 2-DG corona me kam karta hai

2-DG kya hai

Heighlights

2-DG को डीआरडीओ लैब इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड अलाइड साइंसेज ने डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज(dr reddy’s laboratories) के सहयोग से विकसित किया है। यह कोविड रोगियों को सहायक चिकित्सा या वैकल्पिक उपचार के रूप में दिया जाएगा, और इसका उद्देश्य प्राथमिक उपचार में सहायता करना है
  • वायरस के हमले से कमजोर हुए फेफड़े को मजबूत करने के लिए 2-DG दवा का इजाद हुआ है
  • 2-DG से ऑक्सिजन लेवल घटने के कारण जान पर बने खतरे को कम किया जा सकता है

भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने देश में निर्मित कोविड रोधी दवा के आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। मुंह के जरिए ली जाने वाली इस दवा को कोरोना वायरस के मध्यम से गंभीर लक्षण मरीजों के इलाज में इस्तेमाल करने की अनुमति सहायक पद्धति के रूप में दी गई है।

आइए जानते हैं इस दवाई से कोविड मरीजों को रिकवरी में कैसे सहायता मिलेगी, दवा की कीमत क्या होगी और ऐसे ही सभी महत्वपूर्ण सवालों के जवाब…

 

 क्या है 2-DG? kya hai 2-DG? What is 2-DG?

2-dg full form: 2-deoxy-D-glucose

देश जब कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई को लड़ रहा था, तब रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने हैदराबाद की डॉ. रेड्डी लैब्स के साथ मिलकर एक दवाई पर काम किया, जिसका नाम 2-डिऑक्सी-डी-ग्लूकोज यानी 2-DG दिया गया है. करीब एक साल की मेहनत के बाद ये दवाई बनी है, जिसे सोमवार को अस्पतालों, आम लोगों के लिए जारी कर दिया गया है.

यह 2-DG दवा किसने बनाई है?  2-DG kisne banayi hai ?

इस दवा को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की प्रतिष्ठित प्रयोगशाला नामिकीय औषिध तथा संबद्ध विज्ञान संस्थान (आईएनएमएएस) ने हैदराबाद के डॉ. रेड्डी लेबोरेटरी के साथ मिलकर विकसित किया है। इस दवा का नाम 2-डीजी है। इसका पूरा नाम 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज है। सामान्य अणु और ग्लूकोज के अनुरूप होने की वजह से इसे भारी मात्रा में देश में ही तैयार और उपलब्ध कराया जा सकता है।

क्या 2-DG इंजेक्शन है या फिर टैबलेट या कुछ और? kya 2-DG injection format me hai

2-डीजी 2-DG पाउडर के रूप में पैकेट में आती है, इसे पानी में घोल कर पीना होता है। गैस और बदहजमी के लीजिए इनो पाउडर जैसे पानी में घोलकर पीते हैं, उसी तरह 2-DG  को भी पिया जा सकेगा।

2-DG पाउडर की कीमत कितनी होगी? 2-DG ka kitna price hai ?

यूं तो इस बारे में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, कहा जा रहा है कि एक पैकेट की कीमत 500 से 600 रुपये के बीच हो सकती है। इसका उत्पादन करने वाली दवा कंपनी डॉ. रेड्डीज ही सही दाम का खुलासा करेगी।

कहां और कितने लोगों पर किया गया ट्रायल? kaha or kitne logo par trial kiya gaya hai 2-DG ko ?

2-DG के बारे में PIB पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, DRDO ने अपने उद्योग सहयोगी डीआरएल हैदराबाद के साथ मिलकर कोविड-19 मरीजों में दवा की सुरक्षा और प्रभावकारिता की जांच के लिए ट्रायल की शुरुआत की थी. मई से अक्टूबर 2020 के दौरान किए गए फेज-II के ट्रायल (डोज़ रेजिंग समेत) में दवा कोविड-19 रोगियों में सुरक्षित पाई गई और उनकी रिकवरी में महत्वपूर्ण सुधार दिखाया गया.

दूसरे फेज़ को छह अस्पतालों में किया गया और देश भर के 11 अस्पतालों में फेज II B (डोज रेजिंग) क्लीनिकल ट्रायल किया गया, फेज-2 में 110 मरीजों का ट्रायल किया गया. दूसरे चरण में जब कुछ सफलता मिली, तब तीसरे चरण में इसका ट्रायल दिल्ली, यूपी, बंगाल, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, समेत कई राज्यों के 27 अस्पतालों में किया गया, इनमें 220 मरीजों पर ट्रायल हुआ.

तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल दिसंबर 2020 से मार्च 2021 के बीच देशभर के 27 अस्पतालों के 220 मरीजों पर किया गया। ये अस्पताल दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु के हैं। तीसरे चरण के ट्रायल के आंकड़े डीसीजीआई को दिए गए। नतीजों के मुताबिक 2-डीजी दवा से लक्षण वाले मरीजों में उल्लेखनीय सुधार हुआ और तीसरे दिन से ही एसओसी के मुकाबले इस दवा से ऑक्सीजन निर्भरता (31 प्रतिशत के मुकाबले 42 प्रतिशत) खत्म हो गई। इसी तरह का सुधार 65 साल से अधिक उम्र के मरीजों में भी देखने को मिला।

2-DG मरीजों को किस तरह मदद करती है? 2-DG kaise kam karti hai ?

 

2-DG मरीजों की मदद करेगी जिन्हें सांस लेने में तकलीफ की समस्या होती है। क्लीनिकल टेस्ट में सामने आया कि 2-डीजी दवा अस्पताल में भर्ती मरीजों के जल्द ठीक होने में मदद करने के साथ-साथ अतिरिक्त ऑक्सीजन की निर्भरता को कम करती है। रक्षा मंत्रालय ने कहा, “कोविड-19 की चल रही दूसरी लहर की वजह से बड़ी संख्या में मरीजों को ऑक्सीजन और अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ रही है। इस दवा से कीमती जिंदगियों के बचने की उम्मीद है क्योंकि यह दवा संक्रमित कोशिकाओं पर काम करती है। यह कोविड-19 मरीजों के अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि भी कम करती है।

2-DG कैसे लें ?  2-DG kaise use kare?

जानकारी के मुताबिक, ये दवाई एक पाउच में पाउडर के रूप में मिलेगी जिसे पानी में घोलकर लिया जाता है. यह वायरस संक्रमित कोशिकाओं में जमा होती है और वायरल संश्लेषण और ऊर्जा उत्पादन को रोककर वायरस को बढ़ने से रोकती है. वायरस से संक्रमित कोशिकाओं में इसका चयनात्मक संचय इस दवा को बेजोड़ बनाता है.

 

 

 

 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जीवन परिचय | Mamata Banerjee Biography in Hindi

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जीवन परिचय (Mamata Banerjee Biography, net worth in Hindi)

ममता बनर्जी भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल की वर्तमान मुख्यमंत्री एवं राजनैतिक दल तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख हैं। उनके अनुयायियों उन्हें दीदी (बड़ी बहन) के नाम से संबोधित करते हैं। उनका जन्म कोलकाता में एक मध्यम वर्ग के परिवार में हुआ। कॉलेज से ही उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया।

Mamata Banerjee Biography in Hindi

कौन है  ममता बनर्जी ? kaun hai Mamata Banerjee?

1984 में जाधवपुर से अपना पहला लोकसभा चुनाव जीतकर वे अपनी युवावस्था में कांग्रेस में शामिल हो गईं, उसी सीट को 1989 में उन्होंने खो दिया था और 1991 में फिर से जीत हासिल की। 2009 के आम चुनावों तक उन्होंने सीट को बरकरार रखा। उन्होंने 1997 में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की और दो बार रेल मंत्री बनीं।

एनडीए और यूपीए दोनों के साथ गठजोड़ के बाद नंदीग्राम और सिंगूर आंदोलनों के दौरान बनर्जी की प्रमुखता और भी बढ़ गई। अंत में, वे 2011 में और 2016 में भी अधिक बहुमत के साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री चुनी गईं।

Mamata Banerjee Biography in Hindi

जन्म: : जनवरी 5, 1955

भारत की रेल मंत्री : 22 मई 2009 – 19 मई 2011

क्र. . key points Information
1. पूरा नाम (Full Name) ममता बनर्जी
2. अन्य नाम (Other Name) दीदी
3. पेशा (Profession) भारतीय राजनेता
4. राजनीतिक पार्टी (Political Party) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस एवं ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस All India Trinamool Congress
5. राजनीतिक पार्टी का चिन्ह (Political Party Sign) पंजा, एवं जोरा घास फूल
6. जन्म दिवस (Birth Date) 5 जनवरी 1955
7. उम्र (Age) 66 साल
8. जन्म स्थान (Birth Place) कोलकाता, पश्चिम बंगाल, भारत
9. राष्ट्रीयता (Nationality) भारतीय
10. गृहनगर (Hometown) कोलकाता, पश्चिम बंगाल, भारत
11. धर्म (Religion) हिन्दू
12. जाति (Caste) ब्राह्मण
13. पसंद (Hobbies) वाकिंग एवं पेंटिंग करना
14. पसंदीदा पास टाइम (Favourite Pastime) पढ़ना, लिखना और संगीत सुनना आदि
15. वैवाहिक स्थिति (Marital Status) अविवाहित
16. नेट वर्थ (Net Worth) ₹15.84 LAKHS
17. कद (Height) 5 फुट, 4 इंच
18. वजन (Weight) 59 किलोग्राम
19. आंखों का रंग (Eye Colour) हेज़ल ब्राउन
20. बालों का रंग (Hair Colour) साल्ट एवं पेपर
21. राशि (Zodiac Sign) मकर राशि
22 शिक्षा (Education) जोगमाया देवी कॉलेज से बीए , श्री शिक्षायत कॉलेज से इस्लामी इतिहास में एमए और जोगेश चन्द्र चौधरी लॉ कॉलेज, कोलकाता से कानून में डिग्री।
23 उनके द्वारा संभाले गये महत्वपूर्ण पद पश्चिम बंगाल की8वीं मुख्यमंत्री, रेल मंत्री, कोलकाता के लिए संसद सदस्य, जादवपुर के लिए संसद सदस्य, पश्चिम बंगाल विधानसभा सदस्य।
24 व्यवसाय राजनीति और सामाजिक कार्य
25 शिक्षा (Education) जोगमाया देवी कॉलेज से बीए , श्री शिक्षायत कॉलेज से इस्लामी इतिहास में एमए और जोगेश चन्द्र चौधरी लॉ कॉलेज, कोलकाता से कानून में डिग्री।

ममता बनर्जी का परिवार (Mamata Banerjee Family members)

26 पिता का नाम (Father’s Name) प्रोमिलेस्वर बनर्जी
27 माता का नाम (Mother’s Name) गायेत्री देवी
28 भाई का नाम (Brother’s Name) अमित बनर्जी, अजीत बनर्जी, काली बनर्जी, बबन बनर्जी, गणेश बनर्जी और समीर बनर्जी
29 बहन का नाम (Sister’s Name) कोई नहीं है.

 

ममता बनर्जी का राजनैतिक सफर | Mamta Banerjee political journey In Hindi

S.N Year Information
1 1976 – 1980 कलकत्ता दक्षिण की जिला कांग्रेस कमेटी (इंदिरा) की सचिव
2 1984 8वीं लोकसभा की सदस्य के रूप में चुनी गईं। अखिल भारतीय युवा कांग्रेस (आई) की महासचिव भी बनीं।
3 1985-1987 अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की कल्याण समिति की सदस्य
4 1987-1988 मानव संसाधन विकास मंत्रालय की परामर्श समिति, अखिल भारतीय युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय परिषद (आई), गृह मंत्रालय पर सलाहकार समितिकी सदस्य
5 1988 कांग्रेस संसदीय दल की कार्यकारी समिति की सदस्य
6 1989 राज्य की प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारी समिति की सदस्य
7 1990 पश्चिम बंगाल की युवा कांग्रेस अध्यक्षा
8 1991 10वीं लोकसभा की सदस्य (लोकसभा के लिए उनका दूसरा चुनाव)
9 1991-1993  युवा मामले और खेल विभाग, मानव संसाधन विकास, महिला एवं बाल विकास की राज्य मंत्री
10 1993-1996 गृह मामलों पर समिति की सदस्य
11 1995-1996 लोक लेखा समिति की सदस्य, गृह मंत्रालय की सलाहकार समिति की सदस्य
12 1996 11वीं लोकसभा की सदस्य के रूप में चुने गईं (तीसरी बार)
13 1996-1997 गृह मामलों पर गृह मंत्रालय की परामर्श समिति की सदस्य
14 1997 अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की और इसकी अध्यक्षा बनीं
15 1998 12वीं लोक सभा (चौथी बार) की सदस्य के रूप में फिर से निर्वाचित
16 1998 – 1999 रेलवे समिति की अध्यक्षा, गृह मंत्रालय की सलाहकार समिति की सदस्य, सामान्य प्रयोजन समिति की सदस्य
17 1999 13वीं लोकसभा की (पांचवीं बार) सदस्य के रूप में चुनी गईं; सामान्य प्रयोजन समिति की सदस्य के रूप में नियुक्त; लोकसभा में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस कीराजनेत्री
18 13 अक्टूबर 1999-16 मार्च 2001 रेलवे की केंद्रीय कैबिनेट मंत्री
19 2001-2003 उद्योग मंत्रालय की सलाहकार समिति की सदस्य
20 8 सितंबर 2003-8 जनवरी 2004 केंद्रीय कैबिनेट मंत्री लेकिन बिना किसी पोर्टफोलियो के
21 9 जनवरी 2004-मई 2004 कोयला और खानों की केंद्रीय कैबिनेट मंत्रीs
22 2004 14वीं लोकसभा की सदस्य के रूप में छठी बारचुनी गईं। कानून एवं न्याय, लोक शिकायत और कार्मिक पर समिति की सदस्य भी बनीं।
23 5 अगस्त 2006 गृह मामलों की समिति की सदस्य
24 2009 15वीं लोकसभा की सदस्य के रूप में चुनी गईं (सातवींबार)
25 31 मई 2009-जुलाई 2011 जुलाई 2011: रेलवे के लिए केंद्रीय कैबिनेट मंत्री; संसद की लोकसभा मंं अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस कीराजनेत्री
26 9 अक्टूबर 2011 15वीं लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया
27 20 मई 2011 पश्चिम बंगाल की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं।
28 19 मई 2016 वह लगातार दूसरी बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनीं।

 

पूर्व इतिहास
1970 जोगमाया देवी कॉलेज में पढ़ते समय उन्होंने छत्र परिषद की स्थापना की। वह कांग्रेस (आई) का छात्र-विंग था। उन्होंने सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया के डेमोक्रेटिक छात्र संघ को हराया।

ममता बनर्जी की गतिविधियां और उपलब्धियां

1997 में कांग्रेस से अलग होने के बाद ममता बनर्जी ने सफलतापूर्वक एक नई पार्टी का गठन किया। नई पार्टी, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस बाद में सीपीआई (एम) के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में प्रमुख विपक्षी दल बन गई।

2002 में, रेलमंत्री बनने के बाद, उन्होंने नई ट्रेनों का प्रस्ताव दिया, कुछ एक्सप्रेस ट्रेन सेवाओं का विस्तार किया, पर्यटन विकसित करने के उद्देश्य से कुछ ट्रेनों की आवृत्ति में वृद्धि की और भारतीय रेलवे खानपान प्रबंध और पर्यटन निगम का प्रस्ताव भी दिया।

बुद्धदेव भट्टाचार्य की अगुआई वाली वाम मोर्चा सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल में औद्योगिकीकरण के लिए किसानों और कृषिविशेषज्ञों के जबरन भूमि अधिग्रहण के खिलाफ 20 अक्टूबर 2005 को उन्होंने सक्रिय रूप से विरोध किया।

उन्होंने 31 मई 2009 से 19 जुलाई 2011 तक रेलवे मंत्री के इनके दूसरे कार्यकाल के दौरान कई नान-स्टॉप टूरंटो एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत की जो प्रमुख शहरों को अन्य यात्री गाड़ियों और महिला-विशेष ट्रेनों के माध्यम से आपस में जोड़ती हैं।

अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और एसयूसीआई के गठबंधन ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2011 में 227 सीटों (टीएमसी -184, कांग्रेस -42, एसयूसीआई -1) पर जीत दर्ज की, जिसके परिणामस्वरूप वाम मोर्चा की हार हुई।

20 मई 2011 को वह बंगाल की पहली महिला मुख्यमंत्री बन गईं और वाम मोर्चा सरकार के 34 वर्षों के कार्यकाल को मात दी।

ममता बनर्जी के प्रमुख कार्य |Mamata Banerjee work List West Bengal

ममता बनर्जी ने कांग्रेस पार्टी को छोड़ने के बाद खुद की राजनैतिक पार्टी आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का गठन किया फिर अपनी पार्टी के साथ ममता ने टाटा मोटर्स के द्वारा लगाए गए कारखानों का जमकर विरोध किया। टाटा मोटर्स को सरकार द्वारा दी गई 10000 एकड़ जमीन के प्रस्ताव का सड़को पर आ कर विरोध किया अपने रेल मंत्री के कार्यकाल के दौरान ममता ने पर्यटन विकास के लिए इंडियन रेल्वे केटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आई.आर.सी.टी.सी.) की शुरुआत की.

बंगाली में ममता बनर्जी की पुस्तकें

  • उपलब्धि
  • मां-माटी-मानुष
  • जनतार दरबरे
  • मानविक
  • मातृभूमि
  • अनुभूति
  • तृणमूल
  • जनमायनी
  • अशुबो शंकेत
  • जागो बांग्ला
  • गणोतंत्र लज्जा
  • एंडोलानेर कथा

अंग्रेजी में ममता बनर्जी द्वारा किताबें

  • स्माइल (मुस्कान)
  • स्लॉटर ऑफ डेमोक्रेसी (लोकतंत्र की हत्या)
  • स्ट्रगल ऑफ एक्सिसटेंस (अस्तित्व का संघर्ष)
  • डार्क हॉरिजोन (गहरा क्षितिज)

ममता बनर्जी द्वारा जीते गये पुरस्कार

2012 में टाइम पत्रिका ने उनका दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक के रूप में उल्लेख किया। ब्लूमबर्ग मार्केट्स पत्रिका ने उन्हें सितंबर 2012 में “वित्त की दुनिया में 50 सबसे प्रभावशाली लोगों” में से एक के रूप में चिह्नित किया।

रोचक तथ्‍य

ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। उन्हें लोकप्रिय रूप से दीदी के नाम से जाना जाता है, जिसका अर्थ है बड़ी बहन। इन्होंने इतिहास में ऑनर्स डिग्री, इस्लामी इतिहास में मास्टर डिग्री, साथ ही साथ शिक्षा और कानून में भी डिग्री प्राप्त की है। वे कविताएं भी लिखती हैं और उन्होंने लगभग 300 पेंटिंग बेची है।

क्या होता है ये पल्स ऑक्‍सीमीटर, कोरोना में क्यों है जरूरी, कैसे काम करता है और कहां से खरीदें?

Ghar par kaise use karte hai pulse oximeter | Pulse oximeter kya hai | ऑक्‍सीजन लेवल कितना होना चाहिए[What is Pulse Oximeter in Hindi] (Uses, Normal Range, Price, Rate, Reading)

Heighlights

  • पल्स ऑक्सीमीटर एक छोटा सा डिजीटल उपकरण होता है, जो शरीर में ऑक्सीजन लेवल की करता है जांच।
  • पल्स ऑक्सीमीटर स्थिति भयावह होने से पहले करता है सचेत, ऑक्सीजन सेचुरेशन के साथ हार्ट बीट की करता है जांच।
  • एक स्वस्थ व्यक्ति का ऑक्सीजन स्तर 95 से 100 के बीच होना चाहिए।

Ghar par kaise use karte hai pulse oximeter

What is Pulse Oximeter and how it works for Covid Patient in hindi: कोरोना की दूसरी लहर थमने का नाम नहीं ले रही, दिन प्रतिदिन कोरोना संक्रमितों के आंकड़े पुराने रिकॉर्ड्स ध्वस्त करते जा रहे हैं। वहीं मृतकों की संख्या में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। इस समय देश विकट हालात से गुजर रहा है, कोरोना ने अपना महाविस्फोटक रूप धारण कर लिया है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 3 लाख से अधिक नए मामले दर्ज किए जा चुके हैं, वहीं 2 हजार से अधिक लोग अपनी जान गंवा बैठे हैं।

ऑक्सीजन की किल्लत के कारण स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं, जिसके कारण मृतकों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है पल्मोनरी डिजीज एक्सपर्ट डॉक्टर बताते हैं​ कि संक्रमित होने वाले हर मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं होती.

देशभर में लाखों कोरोना मरीज होम आइसोलेशन में हैं. दवाओं के जरिये वे ठीक भी हो जा रहे हैं. फिर किन लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत है? यही वो सवाल है, जिसके बारे में जानकारी होनी जरूरी है. आकाशवाणी के एक साक्षात्कार कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सक ने बताया था कि कोरोना का संक्रमण अगर फेफड़े तक पहुंचता है, तो मरीज को सांस लेने में परेशानी हो सकती है. उनके शरीर में अगर ऑक्‍सीजन लेवल कम होता है, तो डॉक्टर को सूचित करना चाहिए और उनकी सलाह पर मरीज को अस्पताल या क्लिनिक ले जाना चाहिए.

Pulse oximeter kya hai? क्या है ऑक्सीमीटर?

पल्स ऑक्सीमीटर कपड़े की क्लिप के समान एक छोटा सा उपकरण होता है, इसे पोर्टेबल ऑक्सीमीटर भी कहा जाता है। क्योंकि यह क्लिप के समान एक छोटा सा डिजिटल उपकरण होता है, जिसे यहां से वहां अपने साथ आसानी से ले जाया जा सकता है। इसकी मदद से खून में ऑक्सीजन का सैचुरेशन लेवल (Oxygen saturation level in blood) कितना है इसे मापा जा सकता है. ऑक्सीजन सैचुरेशन का अर्थ है कि लाल रक्त कोशिकाएं (RBC) कितना ऑक्सीजन यहां से वहां ले जा रही हैं. खून में ऑक्सीजन के प्रवाह से ही सभी अंग सही तरीके से काम करते हैं. शरीर में होने वाले छोटे से छोटे बदलाव को भी यह डिवाइस पकड़ लेता है. इसे लगाते वक्त उंगली पर किसी तरह का कोई दर्द नहीं होता है.

एक स्वस्थ व्यक्ति का ऑक्सीजन स्तर 95 से 100 के बीच होना चाहिए। यदि कोरोना संक्रमित मरीजों का ऑक्सीजन स्तर 92, 93 आता है तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन इस दौरान आप अपने डॉक्टर्स को तुरंत सूचित करें और शहर में ऐसे अस्पताल की खोजबीन जारी कर दें जहां पर ऑक्सीजन सिलेंडर और वेंटीलेटर उपलब्ध है। ताकि स्थिति गंभीर होने से पहले संक्रमित व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया जा सके और सही इलाज मिल सके। कोरोना संक्रमित व्यक्तियों को हर एक घंटे पर ऑक्सीमीटर द्वारा ऑक्सीजन स्तर की जांच करनी चाहिए।

kaise kam karta hai Pulse oximeter ? कैसे काम करता है पल्स ऑक्सीमीटर?

पल्स ऑक्सीमीटर डिवाइस कैसे काम करता है इसकी बात करें तो यह स्किन पर एक तरह का लाइट छोड़ता है और खून की कोशिकाओं के मूवमेंट (Detects the movement of blood cells) और उनके रंग का पता लगाता है. एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में 96 फीसदी ऑक्सीजन होना ही चाहिए. अगर ऑक्सीजन लेवल 94 से नीचे जाता है तो यह खतरे की निशानी हो सकता है.

kyu ghar me jaruri hai Pulse oximeter ?क्यों है घर में ऑक्सीमीटर जरूरी?

कोरोना काल के दौरान विशेषज्ञ घर पर ऑक्सीमीटर रखने औऱ नियमित तौर पर ऑक्सीजन स्तर मापने की सलाह दे रहे हैं। कोविड से संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन के दौरान घर पर ऑक्सीमीटर रखना बेहद जरूरी है तथा हर दो से तीन घंटे पर ऑक्सीजन लेवल की जांच करते रहें। ताकि ऑक्सीजन स्तर का पता लगाया जा सके औऱ स्थिति गंभीर होने से पहले मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया जा सके और सही समय पर इलाज हो सके।

body me oxygen level kitna chahiye ?ऑक्‍सीजन लेवल कितना होना चाहिए?

डॉ हेंसन के मुताबिक, स्वस्थ्य सामान्य व्यक्ति के ब्लड में ऑक्सीजन का सैचुरेशन लेवल 95 से 100 फीसदी के बीच होता है. 95 फीसदी से कम ऑक्सीजन लेवल इस बात का संकेत है कि उसके फेफड़ों में किसी तरह की परेशानी है. अब सवाल यह है कि कोरोना की स्थिति में आखिर कब अस्पताल ले जाने की जरूरत होगी!

 

टेस्टिंग के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

  • जिस उंगली से रीडिंग ले रहे हैं, उसके नाखून पर कोई रंग न लगा हो
  • हाथ ठंडे न हों और नाखून लंबे न हों
  • मरीज का ब्लड सर्कुलेशन खराब न हो

Pulse Oximeter Rate/Price  कहां से खरीदें, कितनी है कीमत?

अबतक आपको यह समझ में आ ही गया होगा कि पल्स ऑक्सीमीटर का क्या महत्व है! अब आपको यह बता दें कि इसकी कीमत बहुत ज्यादा नहीं होती. यह 400 रुपये से लेकर 4000 रुपये तक के रेंज में उपलब्ध है. आपके नजदीकी दवा दुकानों में मेडिकल इक्विपमेंट की दुकानों में यह मिल सकता है. अगर नहीं मिल रहा तो आपके पास ऑनलाइन खरीदने का ऑप्‍शन है. आप फ्लिपकार्ट, अमेजॉन वगैरह से इसे ऑर्डर कर सकते हैं.

किस उंगली का उपयोग करें?

अधिकांश स्वास्थ्य तकनीशियन के मुताबिक तर्जनी उंगली सटीक माप देता है। हालांकि एक अध्ययन के मुताबिक, इसके लिए हाथ के तीसरी उंगली को ज्यादा बेहतर बताया गया है। अगर आप पल्स ऑक्सीमीटर से माप के लिए दाएं हाथ का इस्तेमाल करते हैं तो दाईं मध्यमा उंगली का उपयोग करें। अगर आप बाएं हाथ का इस्तेमाल करते हैं तो बाईं मध्यमा उंगली का उपयोग करें। वैसे ज्यादातर डॉक्टर पल्स ऑक्सीमीटर के लिए तर्जनी उंगली का इस्तेमाल करते हैं।

क्या लंबे नाखून या नेल पॉलिश से फर्क पड़ता है?

हां। डार्क नेल पॉलिश का सटीक रीडिंग पर प्रभाव पड़ता है। कई बार डार्क नेल पॉलिश होने की वजह से ठीक से डिवाइस ठीक से रीडिंग नहीं कर पाता है। डार्क नेल पॉलिश के अलावा लंबे नाखून से भी फर्क पड़ता है। उंगली सही से क्लिप में नहीं लगने के कारण सटीक जानकारी नहीं मिलती है।

 

Happy Ram Navami 2021: रामनवमी क्यों मनाई जाती है ? किस तरह मनाई जाती है राम नवमी

ram navami kyu manaya jata hai | Happy Ram Navami 2021 Wishes Images Status Quotes | रामनवमी क्यों मनाई जाती है

ram navami kyu manaya jata hai Happy Ram Navami 2021 Wishes Images Status Quotes रामनवमी क्यों मनाई जाती है

राम नवमी भारत में  हर घर में  मनाया  पर  सब कोई ये नहीं जानते  की  राम नवमी क्यूँ मनाया जाता है?(ram navami kyu manaya jata hai) यदि नहीं तब आज का यह पोस्ट आपके लिए पढना काफी जरुरी होगा. क्यूँ? इसका जवाब आपको पोस्ट के अंत तक जरुर से मालूम पड़ जायेगा

जानिए अरुण गोविल के जीवन से जुड़े कुछ अनसुने किस्से

आज देशभर में राम नवमी (Ram Navmi) मनाई जा रही है. इसी के साथ 18 मार्च से शुरू हुई चैत्र नवरात्रि का भी आज आखिरी दिन है. आज ही के दिन भगवान राम का जन्म हुआ था. नवरात्रि और राम नवमी दोनों ही हिंदुओं के प्रमुख त्यौहार हैं. आज के दिन हर घर में मां दुर्गा और भगवान राम की पूजा होती है. नवरात्रि का समापन कन्याओं को हलवा पूड़ी के भोग के साथ किया जाता है. वहीं, राम नवमी के लिए श्रद्धालु गंगा में स्नान करते हैं.

राम नवमी क्या है ram navami kya hai – What is Rama Navami in Hindi

हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि और पुष्य नक्षत्र पर रामनवमी का त्योहार मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी तिथि पर भगवान विष्णु के सातवें अवतार श्रीराम का जन्म अयोध्या में राजा दशरथ के महल में हुआ था।

इसे राम नवमी के नाम से जाना जाता है। यह हिन्दू धर्म का एक पावन त्योहार है। इस पर्व को भगवान श्रीराम को समर्पित किया गया है। मान्यता है कि इस दिन ही मर्यादा पुरुषोत्त्म श्रीराम का जन्म हुआ था। इसी के चलते इस दिन हर घर में भगवान श्री राम की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। यह तिथि हर वर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी को मनाया जाता है। इस दिन लोग श्री राम की पूजा तो करते ही हैं।

रामनवमी क्यों मनाई जाती है? – Why Ram Navami is Celebrated in Hindi?

ram navami kyu manaya jata hai

श्री राम नवमी (sri rama navami) का त्योहार पिछले कई हजार सालों से मनाया जा रहा है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, लंकापति रावण के अत्याचारों को खत्म करने व उसकी संहार करने के लिए भगवान विष्णु ने श्री राम के रूप में धरती पर जन्म लिया था।
माना जाता है कि भगवान श्री राम का जन्म त्रेतायुग में धर्म की स्थापना के लिए हुआ था। पौराणिक कथाओं के अनुसार, अयोध्या के राजा दशरथ जिनका प्रताप 10 दिशाओं में व्याप्त रहा, उन्होंने तीन विवाह किए थे लेकिन किसी भी रानी से उन्हें संतान की प्राप्ति नहीं हुई। इस कारण वे बेहद परेशान रहा करते थे।
उन्होंने ऋषि मुनियों से जब इस बारे में विचार-विमर्श किया तो उन्होंने पुत्रेष्टि यज्ञ करवाने की सलाह दी। राजा दशरथ ने पुत्र प्राप्ति हेतु यज्ञ करने की ठानी।
राजा दशरथ ने यज्ञ के प्रसाद (खीर) को अपनी तीनों रानियों में बांट दिया। प्रसाद ग्रहण करने के कुछ महीनों बाद तीनों रानियों ने गर्भधारण किया। इसके बाद बड़ी रानी कौशल्या के गर्भ से चैत्र शुक्ल की नवमी श्री राम का जन्म हुआ। बाद में शुभ नक्षत्रों और शुभ घड़ी में महारानी कैकेयी ने भरत व तीसरी रानी सुमित्रा ने दो जुड़वां और तेजस्वी पुत्रों लक्ष्मण व शत्रुघ्न को जन्म दिया। ऐसा माना जाता है कि श्री राम के जन्म के बाद देवताओं ने फूलों से वर्षा की थी।

bhagban ram ka janm kab huwa tha? राम नवमी कब है? – Ram Navami Kab Hai?

इसबार यह शुभ तिथि 21 अप्रैल दिन बुधवार को है। इस दिन पुनर्वस नक्षत्र में कर्क लग्न में भगवान राम का जन्म हुआ था

 

रामनवमी की तिथि और शुभ मुहूर्त

राम नवमी तिथि- 21 अप्रैल 2021, बुधवार
नवमी तिथि प्रारंभ- 21 अप्रैल 2021 को रात में 12:43 बजे से
नवमी समाप्त- 22 अप्रैल 2021 को रात 12:35 बजे तक
रामनवमी पूजा का शुभ मुहूर्त- 21 अप्रैल बुधवार को सुबह 11:02 से लेकर दोपहर में 1:38 बजे तक
अवधि- 2 घंटे 36 मिनट

रामनवमी की पूजा विधि

नवमी तिथि के दिन सुबह सूर्योदय से पहले स्नान आदि करके पूजा स्थल पर प्रभु श्रीराम की मूर्ति या तस्वीर रखें. अब राम नवमी व्रत का संकल्प करें. इसके बाद भगवान श्रीराम का अक्षत, रोली, चंदन, धूप, गंध आदि से पूजन करें. इसके बाद उनको तुलसी का पत्ता और कमल का फूल अर्पित करें. फल और मिठाई का भी भोग लगाएं. आरती करें और सभी लोगों को प्रसाद का वितरण करें. आप चाहें तो इस दिन रामायण का पाठ और रामरक्षा स्त्रोत का भी पाठ कर सकते हैं.

 

रामनवमी से जुड़ी पौराणिक मान्यता

 

पौराणिक कथाओं के अनुसार लंका के राजा रावण के अत्याचार से पूरी जनता त्रस्त थी, यहां तक की देवता भी क्योंकि रावण ने ब्रह्मा जी से अमर होने का वरदान ले लिया था. रावण को उसके किए की सजा देने के लिए ही भगवान विष्णु ने प्रभु श्रीराम के रूप में जन्म लेने का फैसला किया. इधर, राजा दशरथ की तीन पत्नियां थीं लेकिन संतान एक भी नहीं. तब राजा दशरथ ने पुत्रेष्टि यज्ञ करवाया और प्रसाद में मिली खीर को तीनों रानियों को खिला दिया. कुछ समय बाद चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को रानी कौशल्या ने राम को, कैकेयी ने भरत को और सुमित्रा ने लक्ष्मण और शत्रुघ्न को जन्म दिया. तभी से चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को रामनवमी के रूप में मनाने की परंपरा शुरू हो गई.

 

 

Happy Ram Navami 2021 Wishes Images Status Quotes Photos: साथ ही अपने दोस्तों और परिजनों को राम नवमी की शुभकामनाएं भी देते हैं। तो आइए पढ़ते हैं राम नवमी के शुभकामना संदेश।

रामनवमी के अवसर पर, आप और आपके परिवार पर,
राम जी का आशीर्वाद, हमेशा बना रहे
रामनवमी की आपको और आपके परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं।


नमन है उस मां के चरण में,

हम हैं उस मां के चरणों की धूल,

आओ मिलकर मां को चढ़ाएं श्रद्धा के फूल।।
Happy Ram Navami 2021


राम जी की ज्योति से नूर मिलता है,

सबके दिलों को सूरुर मिलता है,

जो भी जाता है राम के द्वार,

कुछ न कुछ जरुर मिलता है,

Happy Ram navmi!
——————


आज प्रभु राम ने लिया था अवतार, जैसे संत सौम्‍य है रामजी,
वैसे ही आपका जीवन भी मंगलमय हो, राम नवमी मुबारक हो!
—————-


राम जिनका नाम है, अयोध्या जिनका धाम है,
ऐसे हैं रघुनंदन आपको और आपके परिवार को राम नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं!


राम नाम का फल है मीठा, कोई चख देख ले!
खुल जाते हैं भाग, कोई पुकार के देख ले!


गुणवान तुम, बलवान तुम,
भक्तों को देते हो वरदान तुम,
भगवान तुम, पालनहार तुम,
मुश्किल को कर देते आसान तुम।
राम नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं


राम जी की निकली सवारी,
राम जी की लीला है न्यारी-न्यारी,
एक तरफ लक्ष्मण एक तरफ सीता
बीच में जगत के पालनहारी।
-रामनवमी की शुभकामनाएं!

delhi govt e pass :ई-पास ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

delhi govt e-pass ke liye apply kaise kare | how to get delhi govt e pass | ई-पास ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

delhi govt e-pass ke liye apply kaise kare | how to get delhi govt e pass

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज घोषणा की कि राष्ट्रीय राजधानी आज रात 10 बजे से अगले दिन सुबह 5 बजे तक बंद रहेगी। श्री केजरीवाल ने कहा कि लॉकडाउन जरूरी है क्योंकि corona के संकट के बाद संसाधनों की कमी है।

अब केवल आवश्यक सेवाओं की अनुमति होगी। ई-पास दिल्ली सरकार की वेबसाइट से प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में, कोविद -19 के दैनिक मामले लगभग 25,500 हैं और दिल्ली में स्वास्थ्य सेवा काफी दबाव में है।

Covid-19 New Strain Symptoms: कितना खतरनाक है कोरोना का नया स्ट्रेन और इसके लक्षण क्या हैं जानिए – कैसे करें पहचान

Delhi govt e-pass kya hai?

 किराने का सामान, फल और सब्जियां, मांस, दवाइयां, दूसरों, बैंकों और बीमा कार्यालयों, पेट्रोल पंपों, भोजन की डिलीवरी, और अन्य लोगों के बीच आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों की आवाजाही की अनुमति होगी उनको  Delhi govt e-pass  जरुरी होगा 

दिल्ली सरकार के आदेश में कहा गया है कि Delhi govt e-pass जारी करने के लिए जिलाधिकारी जिम्मेदार होंगे।

 

kya aap delhi govt e-pass ke liye yogya hai?

  • आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, ट्रांसपोर्ट, भंडारण और दुकानों में कार्यरत लोग, जिनके पास सरकारी ID नहीं है, सिर्फ उनके लिए यह ई-पास जारी हो रहें हैं।
  • सिर्फ उन्ही लोगों के लिए यह फॉर्म लांच हो रहा है।
  • अगर आप उपरोक्त श्रेणी में नही आतें हैं, तो कृपया यह फॉर्म ना भरें
  • अगर आपके कार्यालय का समय रात्रि 10 बजे से सवेरे 5 बजे के बीच है तभी आपको इस पास की ज़रूरत पड़ेगी।
  • अगर आपका कार्य सम्बन्धी यात्रा रात को है तभी आपको पास की ज़रूरत पड़ेगी, अन्यथा आपको पास के लिए आवेदन देने की ज़रूरत नहीं है।

E pass apply online Delhi

ई-पास ऑनलाइन आवेदन कैसे करें  How to apply for e-pass online? e-pass ke liye apply kaise kare

delhi govt e pass janta samvad ,how to get e pass in delhi ,delhi govt e pass for liquor

यदि आप ई-पास के लिए योग्य हैं, तो दिल्ली सरकार की वेबसाइट: https://epass.jantasamvad.org/epass/init/ प पर जाएं

how to apply e pass for vehicle

  1. सबसे पहले, आपको उस भाषा का चयन करना होगा जिसमें आप आगे बढ़ना चाहते हैं। अंग्रेजी और हिंदी दो उपलब्ध भाषाएँ हैं।
  2. अब, ड्रॉप-डाउन मेनू से, कर्फ्यू के दौरान यात्रा के लिए pass ई-पास e-pass का चयन करें ’और सबमिट पर क्लिक करें।
  3. आवश्यक विवरण के साथ फॉर्म भरें और फिर सबमिट करें पर क्लिक करें।
  4. एक बार पूरा होने के बाद, आपको ई-पास संदर्भ संख्या मिलेगी, जिसके उपयोग से आप यह जांच सकेंगे कि आपको ई-पास मिला है या नहीं।

ई-पास की स्थिति कैसे जांचें? How to check e-pass status? e-pass kaise check kare?

https://epassdocs.epass.jantasamvad.org/epass/status/  पर जाएं। भाषा चुनें।

  • स्थिति जांचें’ विकल्प पर क्लिक करें।
  • अपना ई-पास आईडी डालें और सबमिट पर क्लिक करें।

delhi govt epass helpline no

  • The WhatsApp helpline number for COVOD-19 is +91 88000 07722

Covid-19 New Strain Symptoms: कितना खतरनाक है कोरोना का नया स्ट्रेन और इसके लक्षण क्या हैं जानिए – कैसे करें पहचान

corona ka naya strain kya hai in hindi | corona ka naya strain ke lakshan | कितना खतरनाक है कोरोना का नया स्ट्रेन

corona ka naya strain kya hai in hindi

corona ka naya strain kya hai in hindi

कोरोना का ये नया वायरस दिसंबर 2020 में यूके में पाया गया है जिसे वैज्ञानिकों ने VUI-202012/01 नाम दिया है और इसे पहला “वेरिएंट अंडर इन्वेस्टिगेशन” कहा जा रहा है. जैसा कि वैरिएंट के बारे में अधिक जानकारी के लिए वैज्ञानिक खोज कर रहे हैं कि क्या इसका म्यूटेशन खतरनाक है

delhi govt e pass :ई-पास ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

SARS-CoV-2 यानी कोरोना वायरस, प्रोटीन अमीनो एसिड्स के खास सीक्वेंस से बनते हैं. जैसे ही इस सीक्वेंस में बदलाव होता है, वायरस के आकार और व्यवहार में बदलाव हो जाता है. साथ ही में इंसानों को इंफेक्ट करने वाले स्पाइक प्रोटीन का व्यवहार भी बदल जाता है. ऐसे में नए स्ट्रेन में वायरस का व्यवहार बदल गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रिटेन में जो वायरस मिला है, वह पहले के मुकाबले लगभग 70 फीसदी अधिक तेजी से फैल सकता है लेकिन अभी भी कई अनुत्तरित प्रश्न हैं जो वायरस के बारे में जानने के लिए जरूरी हैं. ये नया रूप बहुत तेजी से बढ़ रहा है

 

दरअसल, कोरोना वायरस के व्यवहार में बदलाव से इसकी पहचान करना मुश्किल हो सकता है. कहा जा रहा है कि अमीनो एसिड्स के डिलीट होने या बदलने से कुछ RT-PCR टेस्ट की परफॉर्मेंस प्रभावित हो सकती है. हालांकि, इस बात का दावा नहीं किया जा सकता है.

  • साइंटिस्ट का मानना है कि वायरस की नई किस्म में कम से कम 17 महत्वपूर्ण बदलाव हैं। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव स्पाइक प्रोटीन में आया है।
  •  वायरस के इस प्रकार (स्ट्रेन) को वीयूआई-202012/01 पहचान दी गई है। यह तेजी से महामारी फैला रहा है।
  •  सबसे पहले चीन के वुहान में जो कोरोना वायरस मिले थे, वो अभी दुनिया में मिल रहे वायरस से अलग है।

ककरोना का नया  स्ट्रेन  कहां- कहां मिला है kaha kaha mila hai ye naya corona ka strain 
अभी तक चार ऐसे देश हैं, जहां नए स्ट्रेन का खतरा देखा जा रहा है. इसमें ब्रिटेन (N501Y), फ्रांस- दक्षिण अफ्रीका (HV 69/70) और नाइजीरिया (P681H) शामिल हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन सभी वायरस में अमीनो एसिड्स में बदलाव हुआ है

कोरोना के पुराने और नए स्ट्रेन में क्या फर्क है? corona naya strain or purana strai me pharak kya hai

दोनों स्ट्रेन एक ही वायरस के दो रूप हैं, फर्क सिर्फ वायरस में मौजूद प्रोटीन का है वायरस इंसानी कोशिका से प्रोटीन के सहारे जुड़ जाता है पुराने और नए स्ट्रेन में इसी प्रोटीन के आकार प्रकार में बदलाव है नए स्ट्रेन में यह प्रोटीन ज्यादा आसानी से इंसानी कोशिका से जुड़ जाता है और यही वजह है कि तेजी से फ़ैल रहा है।

corona ka naya strain ke lakshan  corona new strain symptoms in hindi(Covid-19 New Strain Symptoms)

– बुख़ार

– मांसपेशियों में दर्द

– सूखी और लगातार खांसी होना

– स्वाद और सुगंध का महसूस न होना

लेकिन कई मरीज़ इन लक्षणों को महसूस नहीं भी कर सकते हैं, और उनमें इस तरह के अन्य लक्षण भी देखे जा सकते हैं:

– कनजंक्टीवाइटिस

– गला ख़राब होना

– सिर दर्द

– चकत्ते

– पेट में दर्द

– हाथों और पैरों की उंगलियों के रंग का बदल जाना

नए स्ट्रेन के लक्षण क्या हैं और ये पुराने स्ट्रेन से कितने अलग हैं

‘इस नए म्यूटेटेड स्ट्रेन के लक्षण लगभग पुराने लक्षण (बुखार, सूखी खांसी, गले में खराश, स्वाद और गंध न पता चलना, आदि) जैसे ही हैं, लेकिन इसमें बुखार ज्यादा तेज आता है और खांसी भी बढ़ कर आती है यानी मरीज ज्यादा खांसता रहता है। इसके अलावा स्वाद और गंध न पता चलने की समस्या भी अधिक तीव्रता के साथ नजर आई है

नए कोरोना  स्ट्रेन के बीच खान-पान किस तरह का होना चाहिए?

oily चीजें जितनी कम खाएं, उतना ज्यादा बेहतर है। हर आधे घंटे के बाद थोड़ा-थोड़ा गर्म पानी पीते रहें। मक्खन, मलाई, घी, बटन चिकन, बटन दाल, आदि कम खाएं। सब्जियों में तड़का कम लगाएं, उबली हुई सब्जियां ज्यादा खाएं, हरी सब्जियां ज्यादा खाएं, फलों को अच्छे से धोकर खाएं। ये आपके लिए सबसे अच्छा रहेगा।

 

नए स्ट्रेन पर मौजूदा वैक्सीन काम करेगी या नहीं? kya corona naya strain ko vaccine kam karegi?

जिनको पहले कोरोना हो चुका था, वह भी इस नए म्यूटेटेड स्ट्रेन के कारण दोबारा से संक्रमित हो रहे हैं। पहले बनी एंटीबॉडी इसपर काम नहीं करेंगी। चूंकि यह वायरस का म्यूटेटेड स्ट्रेन है, इसलिए इसपर मौजूदा वैक्सीन भी ज्यादा कारगर सिद्ध नहीं हो रही है। हालांकि अच्छी बात ये है कि जो हमने वैक्सीन तैयार की है, उसे इस म्यूटेटेड स्ट्रेन के खिलाफ भी अलग से बनाया जा सकता है।’

कोरोना कितना खतरनाक है  kitna khatarnak hai ye corona ka naya strain

के दोनों स्ट्रेन इसलिए खतरनाक हैं क्योंकि वो फेफड़ों पर असर डाल रहे हैं जिससे सांस लेने में तकलीफ बढ़ती है। और अगर यह ज्यादा बढे तो शरीर के दूसरे सिस्टम पर असर पड़ता है और उससे complications यानी मुश्किलें बढ़ती हैं।

मास्क जरूर लगाए और  सोसल डिस्टन्सिंग (Social Distancing ) रखें !!

सरकार ने जो भी तरीके बताएं हैं उनका जरूर पालन करें, जैसे मास्क लगाना, सोशल डिस्टेंसिंग

इसके अलावा यदि आप कोरोना से संक्रमित हैं तो घर पर ही रहें, अधिक मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें। प्रोटीन और अन्य पौष्टिक आहारों का सेवन थोड़ी-थोड़ी देर पर करते रहें।

coronavirus new strain update in india today hindi

देश में कोरोना का नया रिकॉर्ड, 24 घंटे में 2.95 लाख से अधिक नए केस, 2023 लोगों की मौत

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 2 लाख 95 हजार 41 नए केस सामने आए हैं और 2 हजार 23 लोगों की मौत हुई है. देश में कुल मामलों की संख्या 1,56,16,130 हो गई है, जिसमें से 182,553 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. इस समय देश में एक्टिव केस की संख्या 21,57,538 है और अब तक 1,32,76,039 लोग रिकवर कर चुके हैं.

 

 

Note: सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं

– hindi me jankari samanyajyan se leke desh duniya ki khabar

Exit mobile version